8 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद घर लौटी पंचकूला की मासूम
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में स्कूल के अंदर हमले में गंभीर रूप से घायल हुई KG की मासूम बच्ची आखिरकार जिंदगी की जंग जीतकर अपने घर लौट आई है। चंडीगढ़ स्थित PGI में करीब आठ दिनों तक चले इलाज के बाद बुधवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बच्ची की घर वापसी से परिवार के चेहरों पर लंबे समय बाद खुशी और राहत दिखाई दी।
28 अक्टूबर को स्कूल में हुआ था हमला
यह घटना 28 अक्टूबर को पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित सरकारी संस्कृत मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई थी। आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के एक छात्र ने KG में पढ़ने वाली बच्ची पर हमला कर दिया था। इस घटना में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
उसे पहले पंचकूला के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बाद में चंडीगढ़ PGI रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज किया और लगातार उसकी स्थिति पर नजर रखी।
मां की गोद में मुस्कुराती दिखी थी बच्ची
इलाज के दौरान बच्ची की हालत में धीरे-धीरे सुधार होने लगा था। PGI से सामने आए वीडियो में वह अपनी मां की गोद में मुस्कुराती और परिवार के सदस्यों से बातचीत करती नजर आई थी। उसने अपने चाचा से वीडियो कॉल पर भी बात की थी।
बच्ची के स्वस्थ होने की खबर देशभर में चर्चा का विषय बनी रही। परिवार के मुताबिक, भारत के अलावा अमेरिका और अरब देशों से भी लोगों ने बच्ची की सलामती के लिए दुआएं भेजीं।
समाजसेवी ने उठाया पढ़ाई का पूरा खर्च
बच्ची के घर लौटने की खुशी के बीच उसके भविष्य को लेकर भी एक अच्छी खबर सामने आई है। समाजसेवी अनिल थापर ने बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने संकल्प लिया है कि बच्ची जब तक पढ़ाई करेगी, उसकी शिक्षा पर होने वाला खर्च वह स्वयं वहन करेंगे।
इस पहल से परिवार को मुश्किल समय में एक बड़ा सहारा मिला है।
स्कूल प्रबंधन पर भी हुई कार्रवाई
घटना के बाद स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया। मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और दो JBT शिक्षिकाओं को निलंबित किए जाने की भी खबर सामने आई थी।
हरियाणा सरकार ने घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की थी। हरियाणा मानवाधिकार आयोग और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया।
अब पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद
बच्ची की अस्पताल से छुट्टी मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत है। हालांकि, ऐसी गंभीर घटना के बाद शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक देखभाल भी बेहद जरूरी है। परिवार की कोशिश है कि बच्ची को प्यार और सुरक्षित माहौल मिले, ताकि वह धीरे-धीरे अपने सामान्य बचपन की ओर लौट सके।
जिस मासूम के लिए हजारों लोगों ने दुआएं मांगी थीं, उसकी घर वापसी ने सभी को राहत और खुशी दी है।
