सऊदी की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान-तुर्की भेजेंगे सेना
नई दिल्ली। यमन के हूती हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का डिफेंस अलायंस को सक्रिय करने का फैसला किया है। रियाद में हुई आपात बैठक के बाद तीनों देशों ने सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को लागू करने और तय सैन्य बलों व क्षमताओं को जल्द सऊदी अरब में तैनात करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
हूती हमलों के बीच बड़ा फैसला
यह फैसला 5 अक्टूबर को रियाद में हुई Strategic Political and Defence Committee (SPDC) की आपात बैठक में लिया गया। बैठक में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ राजनीतिक, रक्षा और सैन्य अधिकारी शामिल हुए। तीनों देशों ने सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय खतरों पर चर्चा की।
साझा बयान के मुताबिक, तीनों देश आवश्यक सैन्य बल और क्षमताएं उपलब्ध कराने तथा उन्हें तेजी से सऊदी अरब में तैनात करने की दिशा में काम करेंगे। हालांकि, बयान में सैनिकों की संख्या या तैनाती की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
क्या है मक्का डिफेंस पैक्ट?
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने अगस्त 2026 में इस रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को सामूहिक सुरक्षा के नजरिए से देखा जाना है। मौजूदा परिस्थितियों में इस समझौते को पहली बार व्यावहारिक रूप से सक्रिय किया जा रहा है।
मक्का-मदीना को निशाना बनाने की कोशिश की निंदा
बैठक के बाद तीनों देशों ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने के कथित प्रयासों तथा सऊदी शहरों, नागरिक प्रतिष्ठानों और आर्थिक ठिकानों पर जारी हमलों की कड़ी निंदा की। सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने कहा कि गठबंधन ने हमलों के जवाब में सामूहिक निवारक उपाय सक्रिय करने पर सहमति जताई है।
पाकिस्तान और तुर्की की भूमिका
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अनुसार, पाकिस्तानी और तुर्की सेनाएं फिलहाल सहायक भूमिका में रहेंगी, जबकि सऊदी सेना combat operations संभाल रही है। पाकिस्तान की ओर से reconnaissance जैसी सहायता की बात भी सामने आई है।
