पाकिस्तान और अफगानिस्तान के 159 शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता
देहरादून | उत्तराखंड में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि प्रदेश में रह रहे 159 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इन लाभार्थियों में 153 शरणार्थी पाकिस्तान से और 6 शरणार्थी अफगानिस्तान से हैं।
सिंध और बलूचिस्तान से आए परिवारों को मिला हक
नागरिकता पाने वाले अधिकांश परिवार मूल रूप से पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों के रहने वाले हैं। धार्मिक उत्पीड़न और कठिन परिस्थितियों के कारण इन परिवारों ने वर्षों पहले भारत में शरण ली थी। लंबे इंतजार के बाद अब इन्हें भारत की मुख्यधारा से जुड़ने का कानूनी अधिकार मिल गया है। विशेष रूप से, पाकिस्तान के प्रसिद्ध माता हिंगलाज मंदिर के पुजारी का परिवार भी इस सूची में शामिल है, जो अब आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिक कहलाएगा।
7 मार्च को गृह मंत्री सौंपेंगे प्रमाणपत्र
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि आगामी 7 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। हरिद्वार में आयोजित एक विशेष भव्य कार्यक्रम के दौरान इन परिवारों को नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे और उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्षों से अन्याय सह रहे इन परिवारों को आज न्याय मिला है। CAA के माध्यम से हमने उन लोगों को सम्मानजनक जीवन देने का संकल्प पूरा किया है, जिनके पास अपनी कोई पहचान नहीं थी।”
मुख्य बिंदु:
-
लाभार्थी: कुल 159 (153 पाकिस्तानी, 6 अफगानी)।
-
निवास: ये परिवार वर्तमान में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में बसे हुए हैं।
-
कानून: CAA 2019 के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता का प्रावधान।
