काशी विश्वनाथ धाम: 14 से 17 फरवरी तक ‘स्पर्श दर्शन’ पर रोक
वाराणसी: महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं।
स्पर्श दर्शन पर प्रतिबंध
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने निर्णय लिया है कि 14 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक बाबा का ‘स्पर्श दर्शन’ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु केवल झांकी दर्शन (दूरी से दर्शन) ही कर सकेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि कतारें लगातार चलती रहें और सभी को सुगमता से दर्शन मिल सकें।
45 घंटे तक खुले रहेंगे बाबा के पट
महाशिवरात्रि के महापर्व पर बाबा विश्वनाथ लगातार 45 घंटे तक अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
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15 फरवरी की भोर में मंगला आरती (2:15 AM) के बाद मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे, जो 16 फरवरी की रात तक निरंतर खुले रहेंगे।
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अनुमान है कि इस दौरान 8 से 10 लाख श्रद्धालु काशी पहुँच सकते हैं।
नियम और निषेध
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प्रतिबंधित वस्तुएं: मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन, बैग, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा।
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VIP दर्शन: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए VIP दर्शन की व्यवस्था पर भी सख्ती रहेगी और प्रोटोकॉल दर्शन को सीमित किया जाएगा।
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यातायात: शहर के प्रमुख मार्गों पर ‘नो-व्हीकल जोन’ और रूट डायवर्जन लागू किया गया है ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
धार्मिक आयोजन
15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन चार प्रहर की विशेष आरती होगी। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
