राजपूत महासभा ने UGC गाइडलाइन के विरोध का लिया प्रण
हमीरपुर: राजपूत महासभा जिला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को मझोट में संपन्न हुई। इस बैठक में सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा और उनके साथ हो रहे कथित भेदभाव के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का आह्वान किया गया। महासभा ने विशेष रूप से यूजीसी (UGC) की नई गाइडलाइंस का कड़ा विरोध करने का संकल्प लिया है।
आरक्षण और एक्ट में संशोधन की मांग
बैठक की अध्यक्षता अनिल वर्मा ने की, जबकि सेवानिवृत्त मेजर जनरल और लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष धर्मवीर सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में प्रमुखता से मांग उठाई गई कि:
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आर्थिक आधार पर आरक्षण: आरक्षण का लाभ केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर ही मिलना चाहिए।
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SC-ST एक्ट: इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएं।
इन नीतियों पर जताया कड़ा ऐतराज
महासभा ने राज्य सरकार की कुछ मौजूदा नीतियों पर भी सवाल उठाए:
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अंतरजातीय विवाह: सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का विरोध किया गया।
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आवेदन शुल्क में भेदभाव: चयन आयोग द्वारा परीक्षाओं के लिए लिए जाने वाले आवेदन शुल्क में समानता की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि सभी वर्गों से एक समान शुल्क लिया जाना चाहिए।
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स्कूली सामग्री: सरकारी स्कूलों में जातीय आधार पर सामग्री वितरण को बंद कर सभी छात्रों को एक समान सुविधाएं देने पर जोर दिया गया।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
मुख्य अतिथि धर्मवीर सिंह राणा और सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि सामान्य वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर ने कहा कि पहचान पत्र वितरण के साथ ही संगठन को और मजबूत किया जा रहा है और हक मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
