भ्रष्ट केंद्रीय कर्मचारियों पर अब राज्य पुलिस को भी जांच का अधिकार

0
cbi acb

नई दिल्ली | देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा बड़ा फैसला सुनाया है, जो प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचाने वाला है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में अब केवल सीबीआई (CBI) का एकाधिकार नहीं रहेगा। अब राज्य की पुलिस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) भी इन कर्मचारियों के खिलाफ न केवल जांच कर सकेंगी, बल्कि सीधे चार्जशीट भी दाखिल कर सकेंगी।

CBI की अनुमति का ‘कवच’ अब खत्म

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने इस ऐतिहासिक फैसले में साफ किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत राज्य एजेंसियों को केंद्र के कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए सीबीआई से किसी भी तरह की ‘पूर्व अनुमति’ लेने की कानूनी बाध्यता नहीं है। अदालत ने कहा कि कानून की धारा 17 किसी भी राज्य एजेंसी को केंद्र के कर्मियों की जांच करने से नहीं रोकती।

राजस्थान के मामले से तय हुई नई नजीर

यह मामला राजस्थान के एक केंद्रीय कर्मचारी से जुड़ा था, जिसने राज्य की एसीबी (ACB) की कार्रवाई को यह कहकर चुनौती दी थी कि उसके खिलाफ केवल सीबीआई ही जांच कर सकती है। राजस्थान हाई कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया था, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (DSPE) एक्ट के तहत सीबीआई को विशेष अधिकार देना ‘प्रशासनिक सुविधा’ के लिए है, न कि राज्य पुलिस की शक्तियों को सीमित करने के लिए।

अदालत की सख्त टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कड़ा संदेश देते हुए कहा: “सिर्फ इसलिए कि CBI एक विशेष एजेंसी है, इसका मतलब यह नहीं है कि राज्य पुलिस भ्रष्टाचार के मामलों में अपनी आंखें मूंद ले। जांच में दोहराव को टालना एक अलग बात है, लेकिन अधिकार क्षेत्र की कमी बताकर भ्रष्ट अधिकारियों को बचाना कानून की मंशा नहीं है।”

भ्रष्ट बाबुओं के लिए बढ़ा खतरा

अब तक कई केंद्रीय अधिकारी यह मानकर निश्चिंत रहते थे कि राज्य की एजेंसियां उन पर हाथ नहीं डाल सकतीं और सीबीआई की जांच लंबी चलती है। लेकिन इस फैसले के बाद अब स्थानीय एसीबी और राज्य पुलिस तत्काल कार्रवाई करने में सक्षम होगी। यह फैसला उन अधिकारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो ‘अधिकार क्षेत्र’ की कानूनी बारीकियों का फायदा उठाकर बच निकलते थे।

मुख्य बिंदु:

  • अधिकार: राज्य पुलिस/ACB को केंद्र सरकार के कर्मियों के खिलाफ जांच का पूर्ण अधिकार।

  • प्रक्रिया: सीबीआई से एनओसी या अनुमति की जरूरत नहीं।

  • कानून: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की शक्तियों को सुप्रीम कोर्ट ने किया स्पष्ट।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *