बिहार सरकार: विकास कार्यों की निगरानी के लिए अब हर जिले का होगा एक ‘अभिभावक’ मंत्री
पटना। साल 2025 के जनादेश के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित नई सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सरकार गठन और विभागों के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद, अब राज्य के मंत्रियों को विभिन्न जिलों का प्रभार सौंप दिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं की सीधी निगरानी सुनिश्चित करना और विकास की गति को ग्रामीण स्तर तक पहुँचाना है।
जिलों को मिले ‘अभिभावक’ मंत्री
मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी नए आदेश के तहत अब प्रत्येक जिले के पास अपना एक ‘अभिभावक’ मंत्री होगा। इस नई व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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जवाबदेही: आवंटित जिलों के प्रभारी मंत्री अब जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।
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सीधा जुड़ाव: मंत्रियों की जिम्मेदारी होगी कि वे सरकारी फाइलों के क्रियान्वयन को धरातल पर सुनिश्चित करें और जनता से सीधा संवाद स्थापित करें।
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समीक्षा और समाधान: मंत्री अपने संबंधित जिलों में विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे, अधिकारियों को निर्देश देंगे और स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।
| क्रमांक | मंत्री का नाम | आवंटित जिला |
| 1 | सम्राट चौधरी | पटना |
| 2 | विजय कुमार सिन्हा | मुजफ्फरपुर, भोजपुर |
| 3 | विजय कुमार चौधरी | पूर्वी चम्पारण, नालंदा |
| 4 | बिजेन्द्र प्रसाद यादव | वैशाली, सारण |
| 5 | श्रवण कुमार | समस्तीपुर, पूर्णियां |
| 6 | मंगल पाण्डे | दरभंगा,पश्चिमी चम्पारण |
| 7 | डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल | भागलपुर, गयाजी |
| 8 | अशोक चौधरी | सीतामढ़ी, शिवहर,जहानाबाद |
| 9 | लेशी सिंह | मधुबनी,मधेपुरा, |
| 10 | मदन सहनी | सुपौल, खगड़िया |
| 11 | राम कृपाल यादव | कैमूर |
| 12 | संतोष कुमार सुमन | औरंगाबाद |
| 13 | सुनील कुमार | रोहतास, लखीसराय |
| 14 | मो० जमा खान | किशनगंज,शेखपुरा |
| 15 | संजय सिंह ‘टाईगर’ | बांका |
| 16 | अरूण शंकर प्रसाद | बेगूसराय |
| 17 | सुरेन्द्र मेहता | कटिहार |
| 18 | नारायण प्रसाद | गोपालगंज |
| 19 | रमा निषाद | बक्सर |
| 20 | लखेन्द्र कुमार रौशन | अररिया |
| 21 | श्रेयसी सिंह | नवादा |
| 22 | डॉ० प्रमोद कुमार | सहरसा, सिवान |
| 23 | संजय कुमार | मुंगेर |
| 24 | संजय कुमार सिंह | जमुई |
| 25 | दीपक प्रकाश | अरवल |
प्रशासनिक फेरबदल और नई शुरुआत
सरकार ने प्रशासनिक चुस्ती और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व की सभी संबंधित अधिसूचनाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द (विलोपित) कर दिया है। अब मंत्रियों को नए सिरे से उनके नाम के सामने अंकित जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
2025 के संकल्पों पर फोकस
विधानसभा चुनाव के बाद गठित यह नई टीम बिहार के विकास को एक नए आयाम पर ले जाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। मंत्रियों को जिलों का प्रभार दिया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नीतीश सरकार विकास योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और सख्त निगरानी को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
