मणिकर्णिका घाट: विपक्ष पर AI वीडियो फैलाकर गुमराह करने का आरोप

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वाराणसी। मोक्ष की नगरी काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे जीर्णोद्धार कार्य को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मोर्चा संभाला। उन्होंने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एआई (AI) तकनीक का सहारा लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।

विवाद की जड़: मढ़ी और मूर्तियों का मामला

बता दें कि जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी। 10 जनवरी से एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें घाट के निचले हिस्से में बनी एक प्राचीन ‘मढ़ी’ को ड्रिल मशीन से तोड़ा जा रहा था। इस मढ़ी के निचले हिस्से में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर समेत कुछ देवी-देवताओं की प्रतिमाएं लगी थीं।

विपक्षी नेताओं ने इस वीडियो को साझा करते हुए दावा किया कि पौराणिक महत्व के मंदिरों और मूर्तियों को खंडित किया जा रहा है।

ऐतिहासिक महत्व और प्रशासन की सफाई

मणिकर्णिका घाट का जीर्णोद्धार 18वीं शताब्दी में महारानी अहिल्याबाई होलकर ने कराया था। वायरल वीडियो के बाद उनके परिवार से जुड़े यशवंत होल्कर ने वाराणसी का दौरा किया और मंडलायुक्त एस राजलिंगम से मुलाकात की।

  • प्रशासन का आश्वासन: मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी मूर्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हें ससम्मान मणिकर्णिका घाट पर ही पुनर्स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पलटवार

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता कर स्थिति साफ की। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • AI का दुरुपयोग: सीएम ने कहा कि मणिकर्णिका घाट के नाम पर एआई जेनरेटेड (AI Generated) वीडियो और फोटो का इस्तेमाल कर जनता को भड़काया जा रहा है।

  • विकास में अड़ंगा: उन्होंने आरोप लगाया कि असल मंशा गोदौलिया-मैदागिन दाल मंडी सड़क चौड़ीकरण योजना को रोकना है। विपक्ष सनातन विरासत के विकास में हमेशा से बाधा डालता रहा है।

  • श्रद्धालुओं की संख्या: सीएम ने बताया कि धाम बनने से पहले यहाँ औसतन 25 हजार लोग आते थे, जो अब बढ़कर 1.5 लाख प्रतिदिन हो गए हैं।

पुलिसिया कार्रवाई: 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज

इस पूरे प्रकरण में अब वाराणसी पुलिस भी एक्शन में आ गई है। निर्माण कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने 8 नामजद व्यक्तियों और कुछ ‘एक्स’ (Twitter) सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन पर भ्रामक सूचना और छेड़छाड़ किए गए वीडियो फैलाने का आरोप है।

मणिकर्णिका घाट वह स्थान है जहाँ चिता की राख कभी ठंडी नहीं होती और यहाँ अंतिम संस्कार को मोक्ष का मार्ग माना जाता है। ऐसे में इस स्थान से जुड़े किसी भी बदलाव पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की गहरी संवेदनशीलता जुड़ी है।

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