माघ मेला 2026: मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के लिए ‘मेगा प्लान’ तैयार
प्रयागराज। संगम की रेती पर जारी आस्था के महापर्व ‘माघ मेला 2026’ के आगामी प्रमुख स्नान पर्वों—मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के लिए पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए एक ‘मेगा प्लान’ लागू किया गया है। इस बार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाट निर्धारित किए गए हैं।
राज्यों के अनुसार बटेंगे घाट: ‘एरावत’ होगा सबसे बड़ा घाट
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने राज्यों के आधार पर घाटों का आवंटन किया है:
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एरावत स्नान घाट (झूंसी, सेक्टर-4): यह मेले का सबसे बड़ा घाट (850 मीटर) है। यहाँ पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों (असम, सिक्किम आदि) के श्रद्धालु स्नान करेंगे।
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सेक्टर 1, 2, 5 और 6: यहाँ मध्य व पश्चिमी यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है।
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सेक्टर 4 और 7: गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारतीय राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित किए गए हैं।
स्नान घाटों पर ‘नो फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी’ जोन लागू
प्रशासन ने सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए संगम सहित सभी 16 स्नान घाटों (कुल 3.69 किमी) को ‘नो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जोन’ घोषित कर दिया है।
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मीडिया को छोड़कर किसी भी व्यक्ति द्वारा मोबाइल या कैमरे से फोटो लेना प्रतिबंधित होगा।
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नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए घाटों पर विशेष सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।
यातायात और पार्किंग: 13 जनवरी से बंद होगा प्रवेश
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वाहन प्रतिबंध: मकर संक्रांति के लिए 13 जनवरी की शाम से और मौनी अमावस्या के लिए 16 जनवरी की शाम से मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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पार्किंग क्षमता: मेले में 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहाँ 1.30 लाख वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है। पार्किंग भरने पर रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: AI कैमरों से होगी निगरानी
मेले की सुरक्षा को इस बार 3 के बजाय 5 जोन में बांटा गया है।
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तकनीक: मेले में 250 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 150 AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित हैं।
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पुलिस बल: थानों की संख्या 14 से बढ़ाकर 17 और चौकियों को 42 कर दिया गया है। हर जोन में एएसपी (ASP) स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे।
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इमरजेंसी प्लान: आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 इमरजेंसी प्लान और ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए गए हैं। यदि संगम पर दबाव बढ़ता है, तो श्रद्धालुओं को वैकल्पिक घाटों (रामघाट, हनुमान घाट) पर भेजा जाएगा।
आंकड़ों में माघ मेला की तैयारी
| मद | संख्या/विवरण |
| कुल स्नान घाट | 16 (लंबाई: 3.69 किमी) |
| सबसे बड़ा घाट | एरावत घाट (850 मीटर) |
| पार्किंग स्थल | 42 |
| AI बेस्ड कैमरे | 150 |
| कुल पुलिस थाने | 17 |
“मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के लिए सभी स्नान घाट तैयार हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रूट डायवर्जन और इमरजेंसी प्लान को अंतिम रूप दे दिया गया है।” — ऋषि राज, मेलाधिकारी, प्रयागराज
