आसमान में कम होगा इंडिगो का दबदबा: सरकार ने 3 नई एयरलाइंस को दी मंजूरी
इंडिगो संकट के बाद केंद्र सरकार का बड़ा फैसला; शंख एयर, अल हिंद और फ्लाई एक्सप्रेस को मिला NOC।
ब्यूरो, नई दिल्ली भारतीय विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में बढ़ते एकाधिकार और हालिया इंडिगो संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए तीन नई प्रस्तावित एयरलाइंस— शंख एयर (Shankh Air), अल हिंद एयर (Al Hind Air) और फ्लाई एक्सप्रेस (FlyExpress) को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है।
मंत्री ने ‘एक्स’ पर दी जानकारी
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने मंगलवार को इन तीनों एयरलाइंस की टीमों से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शंख एयर को पहले ही एनओसी मिल चुका था, जबकि अल हिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस को इसी सप्ताह मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते इस मार्केट में ‘डुओपॉली’ (दो कंपनियों का दबदबा) को खत्म करना है।
Over the last one week, pleased to have met teams from new airlines aspiring to take wings in Indian skies—Shankh Air, Al Hind Air and FlyExpress.
While Shankh Air has already got the NOC from Ministry, Al Hind Air and FlyExpress have received their NOCs in this week.
It has… pic.twitter.com/oLWXqBfSFU
— Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@RamMNK) December 23, 2025
क्यों पड़ी नई एयरलाइंस की जरूरत?
दिसंबर के शुरुआती दो हफ्तों में इंडिगो द्वारा 5,000 से अधिक फ्लाइट्स रद्द किए जाने से हजारों यात्री परेशान हुए। इस संकट ने सरकार को यह अहसास दिलाया कि बाजार में किसी एक या दो एयरलाइंस का अत्यधिक मार्केट शेयर होना भविष्य के लिए जोखिम भरा है। वर्तमान में इंडिगो और टाटा के नेतृत्व वाला एयर इंडिया ग्रुप मिलकर घरेलू बाजार के 90% से अधिक हिस्से को नियंत्रित करते हैं।
शंख एयर: नोएडा से भरेगी उड़ान
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मुख्यालय: उत्तर प्रदेश स्थित शंख एविएशन इस एयरलाइन का संचालन करेगा।
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लॉन्च: यह एयरलाइन 2026 की पहली तिमाही में अपनी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है।
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आधार: यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ‘फुल-सर्विस एयरलाइन’ के रूप में काम करेगी।
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लक्ष्य: कंपनी का लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में अपने बेड़े को 20-25 विमानों तक पहुँचाना है।
अल हिंद एयर: दक्षिण भारत पर फोकस
अल हिंद ग्रुप के समर्थन वाली यह एयरलाइन एक रीजनल कम्यूटर एयरलाइन के रूप में काम करेगी। इसकी योजना ATR 72-600 टर्बोप्रॉप विमानों के बेड़े के साथ शुरुआत करने की है, जिसका प्राथमिक फोकस दक्षिण भारत के घरेलू रूट्स पर होगा।
बदलेगा एविएशन का समीकरण
पिछले एक दशक में किंगफिशर, जेट एयरवेज और गोफर्स्ट जैसी बड़ी एयरलाइंस के बंद होने से बाजार में कंसोलिडेशन बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीन नई कंपनियों के आने से यात्रियों को न केवल बेहतर विकल्प मिलेंगे, बल्कि फ्लाइट कैंसिलेशन जैसी स्थितियों में किसी एक एयरलाइन पर निर्भरता भी कम होगी।
