बर्फ की सफेद चादर से गुलजार हुआ गुलमर्ग
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश; पर्यटकों के चेहरे खिले, सड़क मार्ग प्रभावित।
ब्यूरो, श्रीनगर एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कश्मीर घाटी में मौसम का मिजाज बदल गया है। मंगलवार को कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण पूरी घाटी में शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है। उल्लेखनीय है कि घाटी में 21 दिसंबर से ‘चिल्लई कलां’ (40 दिनों की सबसे कठोर सर्दी) की शुरुआत हुई है, जिसके तीसरे दिन मौसम ने अपना रंग दिखाया है।
गुलमर्ग और सोनमर्ग में उमड़े पर्यटक
उत्तरी कश्मीर के विश्व विख्यात स्की रिजार्ट गुलमर्ग के ऊंचे स्थलों पर सोमवार रात से ही बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया था, जो मंगलवार सुबह तक जारी रहा। इसके अलावा शोपियां, सोनमर्ग, मुगल रोड और बांदीपोरा के गुरेज जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में भी जमकर बर्फ गिरी है। बर्फ की सफेद चादर बिछते ही पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। सैलानी इस कड़ाके की ठंड के बीच गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फ के साथ मस्ती करते नजर आ रहे हैं।
यातायात पर असर: कई मार्ग बंद
भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन और यातायात पर भी असर पड़ा है:
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सड़क बंदी: बर्फबारी की वजह से करनाह-कुपवाड़ा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
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राहत कार्य: बीकन अधिकारियों के अनुसार, बंद मार्गों पर बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है, हालांकि इसमें अभी समय लग सकता है।
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एडवाइजरी: प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों को फिसलन भरे रास्तों के प्रति आगाह किया है और केवल आधिकारिक एडवाइजरी के तहत ही यात्रा करने की सलाह दी है।
कैसा रहेगा आगे का मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक मुख्तार अहमद के अनुसार, 28 दिसंबर तक घाटी में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। इसके बाद 29 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच घाटी के कई हिस्सों में फिर से भारी बर्फबारी और बारिश के आसार जताए गए हैं। जम्मू संभाग में फिलहाल मौसम साफ है, लेकिन वहां आने वाले दिनों में घना कोहरा छाने की संभावना है।
