Truecaller की छुट्टी? अब बिना किसी ऐप के फोन पर दिखेगा कॉलर का नाम
नई दिल्ली | अभी तक करोड़ों भारतीय यूजर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान करने के लिए जिस Truecaller ऐप पर निर्भर थे, उसका विकल्प अब सीधे आपके मोबाइल नेटवर्क पर आने वाला है। भारत सरकार जल्द ही टेलीकॉम कंपनियों के माध्यम से CNAP (Calling Name Presentation) सेवा शुरू करने जा रही है। इस बदलाव के बाद, बिना किसी थर्ड-पार्टी ऐप के आपके फोन की स्क्रीन पर कॉलर का असली नाम दिखाई देगा।
क्या है CNAP और यह कैसे काम करेगा?
CNAP एक ‘नेटवर्क-लेवल’ फीचर है। वर्तमान में Truecaller जैसे ऐप्स कॉलर की पहचान के लिए ‘क्राउडसोर्स्ड’ डेटा (यूजर द्वारा सेव किए गए नाम) का उपयोग करते हैं। इसके विपरीत, CNAP सीधे टेलीकॉम ऑपरेटर के पास मौजूद KYC (Know Your Customer) डेटा का उपयोग करेगा।
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सीधा प्रसारण: जब भी कोई आपको फोन करेगा, मोबाइल नेटवर्क उस व्यक्ति के आधिकारिक दस्तावेजों (आधार, पैन आदि) में दर्ज नाम को आपकी स्क्रीन पर प्रदर्शित करेगा।
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निजता और सुरक्षा: इसके लिए यूजर्स को किसी ऐप को अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट या अन्य निजी डेटा की परमिशन देने की जरूरत नहीं होगी।
Truecaller के लिए बड़ी चुनौती
भारत में Truecaller के लगभग 25 करोड़ यूजर्स हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि CNAP लागू होने के बाद इस ऐप की उपयोगिता काफी कम हो सकती है:
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ऐप इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं: नया फोन सेटअप करते समय अब लोग अलग से कॉलर आईडी ऐप डाउनलोड करना जरूरी नहीं समझेंगे।
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बिजनेस मॉडल पर असर: जब टेलीकॉम कंपनियां खुद यह सुविधा मुफ्त या नेटवर्क फीचर के रूप में देंगी, तो Truecaller के प्रीमियम और विज्ञापन आधारित मॉडल पर सीधा असर पड़ेगा।
CNAP बनाम Truecaller: कौन है ज्यादा भरोसेमंद?
फीचर CNAP (सरकारी सेवा) Truecaller (प्राइवेट ऐप) नाम का स्रोत सरकारी KYC डेटा (आधार/आईडी) यूजर्स द्वारा सेव किए गए नाम (क्राउडसोर्स्ड) सटीकता 100% सही और आधिकारिक कई बार गलत या मजाकिया नाम दिखते हैं इंटरनेट जरूरी नहीं जरूरी है प्राइवेसी अधिक सुरक्षित (कोई डेटा एक्सेस नहीं) कॉन्टैक्ट्स और कॉल लॉग का एक्सेस मांगता है स्पैम कॉल पर लगेगी लगाम
सरकार का मुख्य उद्देश्य स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल्स को रोकना है। चूंकि CNAP में नाम सिम कार्ड लेते समय दिए गए दस्तावेजों पर आधारित होगा, इसलिए जालसाजों के लिए अपनी पहचान छिपाना नामुमकिन हो जाएगा।
हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि Truecaller के पास ‘स्पैम ब्लॉकिंग’ और ‘कॉल मैनेजमेंट’ जैसे अन्य एडवांस्ड फीचर्स हैं, जो इसे मार्केट में बनाए रख सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Truecaller खुद को समय के साथ बदल पाता है या सरकारी CNAP उसे बाजार से बाहर कर देगा।
