भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता: किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे प्रगति के द्वार

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नई दिल्ली | भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) के सफल और ऐतिहासिक रूप से संपन्न होने की संयुक्त घोषणा की।

विशेष बात यह है कि इस व्यापक समझौते को महज 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है, जो दोनों देशों की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और भविष्य की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाई

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस समझौते से व्यापार, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जा सकता है। इसके अलावा, न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना जताई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति वैश्विक विश्वास का प्रतीक है।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

FTA के तहत बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिसका सीधा लाभ कई क्षेत्रों को मिलेगा:

  • किसान: कृषि क्षेत्र में सहयोग और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे।

  • MSME और उद्यमी: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का रास्ता खुलेगा।

  • युवा और छात्र: शिक्षा, स्टार्टअप और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग से युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।

  • विनिर्माण और सेवाएं: आईटी, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश का प्रवाह बढ़ेगा।

सिर्फ व्यापार नहीं, रणनीतिक साझेदारी भी

बातचीत के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापार से इतर रक्षा, खेल, शिक्षा और ‘पीपल-टू-पीपल’ (जन-जन के बीच) संपर्क में हुई प्रगति का भी स्वागत किया। विशेष रूप से खेल और शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर दिया गया है, जिससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी समझ और गहरी होगी।

मार्च 2025 से शुरू हुआ था सफर

गौरतलब है कि इस मुक्त व्यापार समझौते की नींव मार्च 2025 में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की भारत यात्रा के दौरान रखी गई थी। इतनी कम अवधि में इतने बड़े समझौते का पूरा होना वैश्विक कूटनीति में एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

“यह समझौता न केवल आर्थिक समृद्धि लाएगा, बल्कि भारत और न्यूजीलैंड के रणनीतिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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