राज्यसभा सीट पर आर-पार: जीतन राम मांझी ने दी NDA छोड़ने की धमकी
गया/पटना | बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब राज्यसभा सीटों के बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर दरारें उभरने लगी हैं। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने आगामी राज्यसभा चुनावों में अपनी पार्टी के लिए सीट की मांग करते हुए गठबंधन छोड़ने तक का अल्टीमेटम दे दिया है।
वादा खिलाफी का आरोप
गया में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मांझी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उनसे दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया था। मांझी के अनुसार, गठबंधन ने उन्हें केवल एक लोकसभा सीट दी, जिसे उन्होंने जीत लिया, लेकिन अब राज्यसभा की बारी आने पर उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
कैबिनेट और गठबंधन से इस्तीफे की चेतावनी
मांझी ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि अप्रैल 2026 में होने वाले चुनावों में उनकी पार्टी को राज्यसभा सीट नहीं दी गई, तो वह केंद्रीय कैबिनेट और एनडीए गठबंधन दोनों से अलग हो जाएंगे। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स पर चिंता जताते हुए सवाल किया कि यदि रिक्त होने वाली पांच सीटों में से दो बीजेपी, दो जेडीयू और एक एलजेपी (राम विलास) को मिल रही है, तो उनकी पार्टी ‘हम’ का स्थान कहाँ है?
बेटे को भी दिया ‘पद त्याग’ का संदेश
इस राजनीतिक लड़ाई को और तेज करते हुए मांझी ने बिहार सरकार में मंत्री अपने बेटे संतोष कुमार सुमन को भी सार्वजनिक रूप से सलाह दी। उन्होंने संतोष सुमन से ‘राजनीति में जोखिम उठाने’ और जरूरत पड़ने पर मंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार रहने की अपील की। मांझी ने स्पष्ट किया कि पार्टी के आत्मसम्मान के लिए वह किसी भी स्तर पर समझौता करने के मूड में नहीं हैं।
पीएम का आभार, पर हक पर अडिग
केंद्रीय कैबिनेट में जगह देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए मांझी ने साफ किया कि आभार अपनी जगह है और पार्टी का हक अपनी जगह। उन्होंने मांग की कि वादे के मुताबिक उनकी पार्टी को राज्यसभा सीट मिलनी ही चाहिए।
