सफला एकादशी कल: श्रीहरि को प्रसन्न करने के लिए लगाएं इन 5 चीजों का भोग
धर्म डेस्क | साल 2025 के पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी, जिसे ‘सफला एकादशी’ कहा जाता है, कल यानी 15 दिसंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, ‘सफला’ का अर्थ है सफल करने वाली। मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन सच्चे मन से भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना करते हैं और व्रत रखते हैं, उनके जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के द्वार खुल जाते हैं।
शास्त्रों में कहा गया है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं और उसे सौभाग्य व अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। लेकिन पूजा तभी पूर्ण मानी जाती है जब भगवान को उनका प्रिय भोग अर्पित किया जाए।
श्रीहरि को अति-प्रिय हैं ये 5 भोग सफला एकादशी पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने के लिए आप पूजा में इन चीजों का भोग अवश्य लगाएं:
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तुलसी दल (सबसे अनिवार्य): भगवान विष्णु की पूजा तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है। भोग चाहे छप्पन प्रकार के हों, लेकिन यदि उसमें तुलसी दल नहीं है, तो श्रीहरि उसे ग्रहण नहीं करते। यह भोग को पूर्णता और पवित्रता प्रदान करती है।
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पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से बना पंचामृत भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। इसे अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि और मंगल का वास होता है।
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केले का नैवेद्य: भगवान विष्णु को पीली चीजें बहुत पसंद हैं। फलों में केला उन्हें विशेष रूप से प्रिय है। मान्यता है कि केले का भोग लगाने से भगवान प्रसन्न होते हैं और परिवार में धन-ऐश्वर्य की कमी नहीं होती।
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तिल का महत्त्व: सफला एकादशी पर तिल का विशेष महत्व है। इस दिन तिल के लड्डू या मिठाई का भोग लगाने और तिल का दान करने से व्यक्ति के ज्ञात-अज्ञात पाप नष्ट हो जाते हैं।
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पीली मिठाई (बेसन के लड्डू): पीला रंग देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु दोनों का प्रिय रंग है। बेसन के लड्डू या केसरिया भात का भोग लगाने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और विवाह या करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
