नेपाल में फिर उठी हिंदू राष्ट्र की मांग, प्रदर्शन तेज; सरकार से कार्रवाई की मांग
काठमांडू। नेपाल में एक बार फिर देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग तेज हो गई है। विभिन्न हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया तथा सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। हाल के दिनों में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद यह आंदोलन और अधिक मुखर होता दिखाई दे रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने नेपाल सरकार को 15 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए देश को दोबारा हिंदू राष्ट्र घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने, हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा मजबूत करने, अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने तथा नागरिकता से जुड़े मामलों की समीक्षा की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर जनप्रतिनिधियों से भी हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख बताने की मांग की गई। आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
वहीं, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने हिंदू राष्ट्र की बहाली और राजशाही की वापसी के मुद्दे पर असहमति जताते हुए कहा कि उनकी सरकार संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था और धर्मनिरपेक्ष संविधान के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की है। सरकार का कहना है कि हालिया हिंसा की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नेपाल में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर हिंदू संगठनों का दबाव बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर सरकार संविधान और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के पक्ष में अपना रुख स्पष्ट कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा नेपाल की राजनीति में अहम विषय बना रह सकता है।
