देशव्यापी हड़ताल: कल नहीं चलेंगी ओला-उबर और रैपिडो
नयी दिल्ली |देशभर में ऐप-आधारित कैब और बाइक-टैक्सी सेवाओं का उपयोग करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए शनिवार का दिन परेशानी भरा हो सकता है। ओला (Ola), उबर (Uber) और रैपिडो (Rapido) के ड्राइवरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 7 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ का नाम दिया गया है।
क्यों थम रहे हैं पहिये?
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और कई अन्य राष्ट्रीय यूनियनों के अनुसार, एग्रीगेटर कंपनियां ‘मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2025’ का पालन नहीं कर रही हैं। ड्राइवरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बावजूद उनका कमीशन बढ़ाया जा रहा है और बेस किराया (Base Fare) बहुत कम रखा गया है, जिससे उनका खर्च निकलना मुश्किल हो गया है।
ड्राइवरों की प्रमुख मांगें:
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न्यूनतम किराया निर्धारण: सरकार तुरंत सभी राज्यों में ऐप-आधारित टैक्सियों के लिए न्यूनतम आधार किराया अधिसूचित करे।
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निजी वाहनों पर प्रतिबंध: कमर्शियल इस्तेमाल के लिए निजी (सफेद नंबर प्लेट) बाइक और कारों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
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पारदर्शी भुगतान प्रणाली: एग्रीगेटर कंपनियां किराए से मनमाना कमीशन काटना बंद करें और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएं।
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नियम 17.3 को रद्द करना: यूनियन उस नियम का विरोध कर रही है जिसके तहत कंपनियां बेस किराए से 50% तक कम कीमत पर राइड बुक करती हैं।
मेट्रो शहरों में पड़ेगा व्यापक असर
हड़ताल का सबसे बड़ा असर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे शहरों में देखने को मिल सकता है। यूनियनों ने दावा किया है कि कल सुबह से ही ड्राइवर अपने मोबाइल ऐप्स को बंद (Offline) रखेंगे। इससे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और दफ्तर जाने वाले लोगों को कैब मिलने में भारी किल्लत हो सकती है।
