सड़कों के जाम से मिलेगी मुक्ति: इमारतों की छतों से उड़ान भरेंगी एयर टैक्सियाँ

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air taxi

नई दिल्ली | भारत के महानगरों में यातायात की गंभीर समस्या (Traffic Congestion) का समाधान अब जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में तलाशा जा रहा है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की एक नवीनतम रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि यदि व्यावसायिक और आवासीय इमारतों की छतों का उपयोग एयर टैक्सियों के टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए किया जाए, तो शहरी परिवहन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

‘वर्टिपोर्ट’ के रूप में विकसित होंगी छतें

सीआईआई की ‘नेविगेटिंग द फ्यूचर ऑफ एडवांस्ड एयर मोबिलिटी इन इंडिया’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य के शहरी परिवहन में ई-वीटीओएल (eVTOL) विमानों की भूमिका अहम होगी। ये इलेक्ट्रिक विमान हेलीकॉप्टर की तरह सीधे उड़ान भरने और उतरने में सक्षम हैं। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि मौजूदा मॉल, ऑफिस कॉम्प्लेक्स और बड़ी हाउसिंग सोसाइटियों की छतों को ‘वर्टिपोर्ट’ (हवाई टैक्सी स्टैंड) के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिना किसी अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के हवाई कनेक्टिविटी प्रदान की जा सकेगी।

घंटों का सफर मिनटों में होगा पूरा

हवाई टैक्सी सेवा शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में होगा। उदाहरण के तौर पर, जिस दूरी को तय करने में सड़क मार्ग से दो घंटे लगते हैं, उसे एयर टैक्सी के जरिए मात्र 10 से 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। चूंकि ये विमान पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगे, इसलिए ये ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने में भी सहायक सिद्ध होंगे।

बड़ी चुनौतियां और सुरक्षा मानक

रिपोर्ट में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है:

  • नियामक ढांचा: शहरों के बीच कम ऊंचाई पर उड़ानों के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को नए और सख्त एयर ट्रैफिक नियम बनाने होंगे।

  • बुनियादी ढांचा: इमारतों की छतों पर हाई-स्पीड चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस की सुविधाएं सुनिश्चित करना एक बड़ा तकनीकी कार्य होगा।

  • सुरक्षा और गोपनीयता: घनी आबादी के ऊपर उड़ानों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और निजता (Privacy) का सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है।

2026 तक शुरू हो सकती है सेवा

उल्लेखनीय है कि कई वैश्विक और भारतीय कंपनियां भारत में इस सेवा को शुरू करने के लिए पहले से ही निवेश कर रही हैं। इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज और आर्चर एविएशन जैसी कंपनियों ने साल 2026 तक भारत के प्रमुख शहरों में एयर टैक्सी सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे और नियमों में सुधार के बाद भारत दुनिया के सबसे बड़े एयर मोबिलिटी बाजारों में से एक बन सकता है।

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