एंथ्रोपिक का ‘Claude Cowork’ बना दुनिया का पहला डिजिटल वर्कर
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एंथ्रोपिक (Anthropic) ने अपना नया क्रांतिकारी टूल ‘क्लाउड को-वर्क’ (Claude Cowork) लॉन्च कर दिया है। इस टूल के आने से न केवल टेक जगत बल्कि शेयर बाजार में भी भारी हलचल देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टूल अब केवल बातचीत करने वाला चैटबॉट नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा ‘डिजिटल कर्मचारी’ बन गया है जो इंसानों की तरह आपके कंप्यूटर पर काम कर सकता है।
क्या है क्लाउड को-वर्क?
क्लाउड को-वर्क एक एजेंट-बेस्ड एआई सिस्टम है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे आपके कंप्यूटर के फोल्डर्स, फाइलों और सॉफ्टवेयर का एक्सेस दिया जा सकता है। यह खुद से फाइलें खोल सकता है, डेटा पढ़ सकता है, उन्हें एडिट कर सकता है और नई रिपोर्ट तैयार कर सकता है। कंपनी ने इसके साथ 11 ओपन-सोर्स प्लग-इन्स भी पेश किए हैं जो लीगल, फाइनेंस और मार्केटिंग जैसे जटिल कामों को आसानी से निपटा सकते हैं।
‘SaaSpocalypse’ का खतरा और भारतीय शेयर बाजार पर असर
इस नई तकनीक के आने से बाजार में ‘SaaSpocalypse’ यानी सॉफ्टवेयर कंपनियों के अंत का डर सताने लगा है। निवेशकों को चिंता है कि अगर एक अकेला एआई टूल सेल्सफोर्स, एडोब और डॉक्यूसाइन जैसे महंगे सॉफ्टवेयर्स का काम कर देगा, तो इन कंपनियों का क्या होगा?
इसका सीधा असर भारतीय आईटी दिग्गजों पर भी देखने को मिला है। टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys) और विप्रो (Wipro) जैसी कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एआई अब उन कामों को ऑटोमेट कर रहा है, जिनके लिए कंपनियां हजारों जूनियर इंजीनियर्स को नियुक्त करती थीं।
प्रमुख विशेषताएं:
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लीगल असिस्टेंस: एग्रीमेंट चेक करना और कानूनी दस्तावेजों की समरी बनाना।
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डेटा एनालिसिस: एक्सेल शीट बनाना और जटिल फाइनेंशियल रिपोर्ट्स तैयार करना।
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फाइल मैनेजमेंट: कंप्यूटर के बिखरे हुए डेटा को व्यवस्थित और रीनेम करना।
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स्वतंत्र कार्यप्रणाली: इसे बस काम बताने की जरूरत है, यह खुद प्लान बनाकर उसे पूरा करता है।
फिलहाल यह फीचर MacOS यूजर्स के लिए ‘क्लाउड मैक्स’ सब्सक्रिप्शन के तहत उपलब्ध कराया गया है। जानकारों का मानना है कि 2026 वर्कप्लेस ऑटोमेशन के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा।
