कपड़े उतारने वाले ऐप्स कैसे पहुंचे Apple और Google के स्टोर पर?

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Nudify

नई दिल्ली | तकनीकी दुनिया के दो सबसे सुरक्षित माने जाने वाले प्लेटफॉर्म—गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर—इन दिनों एक बड़ी सुरक्षा चूक और अनैतिक ऐप्स के कारण विवादों में हैं। एक अंतरराष्ट्रीय जांच में खुलासा हुआ है कि इन स्टोर्स पर दर्जनों ऐसे ‘Nudify’ AI ऐप्स मौजूद हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग कर किसी भी सामान्य तस्वीर को डिजिटल रूप से अश्लील (Nude) बना रहे हैं।

डीपफेक तकनीक का बढ़ा दुरुपयोग

यह मामला ‘डीपफेक’ तकनीक के जरिए बढ़ते साइबर अपराधों को उजागर करता है। रिपोर्ट के अनुसार, ये ऐप्स एआई एल्गोरिदम का उपयोग करके महिलाओं और मशहूर हस्तियों की तस्वीरों को बिना उनकी सहमति के आपत्तिजनक चित्रों में बदल देते हैं। ये ऐप्स अक्सर ‘एआई फोटो एडिटर’ या ‘मजेदार फिल्टर’ जैसे सामान्य नामों के साथ स्टोर पर उपलब्ध होते हैं, जिससे टेक कंपनियों के सुरक्षा फिल्टर इन्हें आसानी से पहचान नहीं पाते।

ब्लैकमेलिंग और साइबर क्राइम का बढ़ता जाल

सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से ऑनलाइन हैरासमेंट और ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा रहा है। जांच में पाया गया कि इन ऐप्स के विज्ञापन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जो सीधे तौर पर यूजर्स को इन्हें डाउनलोड करने के लिए उकसाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई अब इतनी सटीक हो गई है कि असली और नकली फोटो के बीच अंतर कर पाना लगभग नामुमकिन है।

टेक दिग्गजों की कार्रवाई और चुनौतियां

रिपोर्ट सामने आने के बाद, गूगल और एप्पल ने अपने प्लेटफॉर्म से कई संदिग्ध ऐप्स को हटाना शुरू कर दिया है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह कार्रवाई काफी देर से हुई है। कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ये ऐप डेवलपर अपनी कोडिंग और नाम बदलकर बार-बार स्टोर पर वापस आ जाते हैं।

यूजर सुरक्षा के लिए सुझाव:

  • सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें ‘पब्लिक’ मोड में डालने से बचें।

  • किसी भी अनजान एआई ऐप को अपनी फोटो गैलरी का एक्सेस न दें।

  • यदि कोई आपकी फोटो का दुरुपयोग करता है, तो तुरंत ‘साइबर सेल’ या ‘National Cyber Crime Reporting Portal’ पर शिकायत दर्ज करें।

प्रमुख बिंदु (News Highlight Box):

विवरण प्रमुख जानकारी
मुख्य मुद्दा एआई ऐप्स द्वारा बिना सहमति फोटो को न्यूड में बदलना।
प्लेटफॉर्म गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर।
प्रभावित वर्ग महिलाएं, किशोर और सेलिब्रिटी।
मुख्य खतरा डीपफेक, ब्लैकमेलिंग और प्राइवेसी का हनन।
कार्रवाई गूगल और एप्पल द्वारा ऐप्स को ब्लॉक करना जारी।

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