बीएमसी चुनाव 2026: ‘धुरंधर देवेंद्र’ के नेतृत्व में भाजपा की ऐतिहासिक जीत

0
bmc bjp 17 copy

मुंबई | देश की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव परिणामों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 227 में से 89 सीटें जीतकर न केवल सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपना वर्चस्व स्थापित किया है, बल्कि करीब तीन दशकों से चले आ रहे ‘ठाकरे परिवार’ के निर्बाध शासन को भी कड़ी चुनौती दी है।

‘धुरंधर देवेंद्र’ के पोस्टरों से पटी मुंबई

चुनाव नतीजों की घोषणा के अगले ही दिन शनिवार को मुंबई की सड़कों का नज़ारा बदला हुआ था। शहर के विभिन्न हिस्सों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनमें उन्हें ‘धुरंधर देवेंद्र’ के रूप में संबोधित किया गया है।

यह पोस्टर भाजपा युवा मोर्चा (मुंबई) के अध्यक्ष तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा लगवाए गए हैं, जो स्वयं भी इन चुनावों में कॉर्पोरेटर चुने गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत ने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र की राजनीति के निर्विवाद ‘धुरंधर’ के रूप में स्थापित कर दिया है।

चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण: कौन कहाँ रहा?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन ने बीएमसी में बहुमत के करीब पहुँचकर अपनी स्थिति मजबूत की है।

पार्टी-वार प्रदर्शन और वोट शेयर:

पार्टी / गठबंधन सीटें जीतीं कुल वोट वोट शेयर (%)
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 89 11,79,273 21.58%
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) 29 2,73,326 5.00%
शिवसेना (UBT) 65 7,17,736 13.13%
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) 24 2,42,646 4.44%
AIMIM 08 68,072 1.25%
MNS (राज ठाकरे) 06 74,946 1.37%
अन्य (NCP, SP, निर्दलीय) 06

मुख्य बिंदु: जीतने वाले उम्मीदवारों के मामले में अकेले भाजपा का वोट शेयर 45.22% रहा, जो उनकी जबरदस्त स्ट्राइक रेट को दर्शाता है।

विपक्ष की स्थिति और गठबंधन का असर

  • शिवसेना (UBT) और MNS: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने मनसे के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा, लेकिन वे केवल 65 सीटों तक ही सीमित रह गए। राज ठाकरे की पार्टी MNS ने गठबंधन के खाते में 6 सीटें जोड़ीं।

  • कांग्रेस: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 24 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

  • छोटे दल: AIMIM ने 8 सीटों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि शरद पवार और अजीत पवार की NCP गुटों को क्रमशः 1 और 3 सीटें मिलीं। समाजवादी पार्टी के खाते में 2 सीटें आईं।

निर्णायक रहा NOTA और निर्दलीय प्रभाव

इस बार के चुनाव में 11,677 मतदाताओं ने NOTA का बटन दबाया। कुल 54,64,412 वोटों के ध्रुवीकरण ने यह स्पष्ट कर दिया कि मुंबई की जनता अब विकास और नए नेतृत्व की ओर देख रही है।

निष्कर्ष:

बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन अब बीएमसी में सबसे बड़े शक्ति केंद्र के रूप में उभरा है। इस परिणाम का सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनावों और राज्य की भविष्य की राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *