ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी: ‘प्रदर्शनकारियों को फांसी दी तो भुगतना होगा अंजाम’

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वाशिंगटन/तेहरान | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सरकार को सख्त लहजे में अल्टीमेटम दिया है। मंगलवार (13 जनवरी 2026) को एक कड़ा बयान जारी करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने का कदम उठाते हैं, तो अमेरिका ‘बहुत मजबूत’ और निर्णायक कार्रवाई करेगा। ट्रंप का यह बयान तब आया है जब ईरान में पिछले पांच दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट है और सड़कों पर खून बह रहा है।

“मदद रास्ते में है”: ट्रंप का प्रदर्शनकारियों को संदेश

ट्रंप ने सीबीएस न्यूज को दिए साक्षात्कार और अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर लिखा कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। ट्रंप ने ईरानी जनता से अपील की कि वे अपना प्रदर्शन जारी रखें, क्योंकि “मदद रास्ते में है।” उन्होंने तेहरान के अभियोजकों द्वारा गिरफ्तार लोगों पर ‘ईश्वर के खिलाफ युद्ध’ (Moharebeh) का आरोप लगाने की निंदा की, जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है।

खून से सनी ईरान की सड़कें: 734 मौतें पुष्ट

नॉर्वे स्थित एनजीओ ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ (IHR) ने अब तक 734 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें 9 नाबालिग भी शामिल हैं। हालांकि, संस्था का मानना है कि असली संख्या हजारों में हो सकती है।

  • खौफनाक मामला: 26 वर्षीय एरफान सोलतानी को बुधवार को फांसी दिए जाने की आशंका है, जिसे पिछले हफ्ते कराज शहर से गिरफ्तार किया गया था।

  • इंटरनेट ब्लैकआउट: अधिकारियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क काटने के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है, जिससे दमन की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ पा रही है।

ईरान की स्थिति: एक नजर में

विवरण ताजा स्थिति
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत पिछला गुरुवार (1979 के बाद सबसे बड़ा खतरा)
पुष्ट मौतें 734 (नाबालिगों सहित)
सरकारी पक्ष “स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण”, प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकी’ बताया।
इंटरनेट स्थिति 5 दिनों से पूर्ण ब्लैकआउट, अंतरराष्ट्रीय कॉल बाधित।
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (86 वर्ष) ने इसे ‘अमेरिका की साजिश’ कहा।

यूरोप भी हुआ हमलावर: राजदूतों को किया तलब

सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ (EU) ने भी ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

  1. ईयू प्रमुख: उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मौतों की संख्या को ‘डरावना’ बताते हुए और प्रतिबंधों की चेतावनी दी है।

  2. राजदूत तलब: फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरानी राजदूतों को बुलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

ईरान सरकार की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, ईरान सरकार ने सोमवार को सरकारी रैलियां आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने इसे प्रदर्शनकारियों की हार करार दिया है। वहीं, सरकारी मीडिया का दावा है कि दर्जनों सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, जिनके लिए तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।

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