शेयर बाजार में ‘ब्लैक ट्यूजडे’: सुबह की तेजी के बाद आई बिकवाली की सुनामी
नई दिल्ली | भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उथल-पुथल देखी गई। सुबह के सत्र में जबरदस्त तेजी के साथ शुरुआत करने वाले बाजार में दोपहर होते-होते अचानक बिकवाली का ‘सैलाब’ आ गया। इस गिरावट ने निवेशकों के चेहरे पर खुशी को चिंता में बदल दिया। एक समय बीएसई (BSE) सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से 933 अंक तक गिर गया, जिससे बाजार की कुल पूंजी में महज कुछ ही घंटों में 2.6 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई।
बाजार का लेखा-जोखा: उतार-चढ़ाव भरा दिन
दिन के अंत में बाजार में मामूली सुधार हुआ, लेकिन यह लाल निशान में ही बंद हुआ। सेंसेक्स 250.48 अंक (0.30%) की गिरावट के साथ 83,627.69 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 57.95 अंक (0.22%) टूटकर 25,732.30 के स्तर पर रहा।
| इंडेक्स (Index) | बंद भाव (Close) | गिरावट (Points) | गिरावट % | दिन का उच्च (High) | दिन का निचला (Low) |
| BSE सेंसेक्स | 83,627.69 | -250.48 | -0.30% | 84,258.03 | 83,262.79 |
| NSE निफ्टी | 25,732.30 | -57.95 | -0.22% | 25,899.80 | 25,627.40 |
गिरावट के 4 बड़े कारण
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दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली: बाजार के ‘हैवीवेट’ शेयरों में भारी बिकवाली हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 2% तक गिर गए। वहीं, आईटी सेक्टर में एचसीएल टेक (2%) और टीसीएस में भी गिरावट देखी गई। एचसीएल ने अपने भविष्य के विकास अनुमानों को घटाया है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया।
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कच्चे तेल की तपिश: ईरान में अशांति और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की चेतावनी से कच्चे तेल की कीमतें 64 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं। भारत के लिए महंगा तेल आयात बिल और महंगाई बढ़ाने वाला कारक है।
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FII की लगातार निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से पैसा निकालना जारी रखा है। सोमवार को ही उन्होंने 3,638 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जिसका दबाव मंगलवार को भी बना रहा।
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रुपये की कमजोरी और वैश्विक दबाव: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ। इसके अलावा, अमेरिका में ट्रंप प्रशासन और फेडरल रिजर्व के बीच चल रहे टकराव ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
विशेषज्ञों की राय: ‘गिरावट पर खरीदें, तेजी पर बेचें’
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान के अनुसार, “बाजार ने 25,500/82,700 के स्तर पर मजबूत समर्थन लिया और वहां से शानदार वापसी की। हालांकि, रुझान अभी भी नाजुक हैं।” उन्होंने सलाह दी है कि वर्तमान स्थिति में डे-ट्रेडर्स को ‘Sell on Strength’ (तेजी पर बेचें) और ‘Buy on Dips’ (गिरावट पर खरीदें) की रणनीति अपनानी चाहिए।
अगले स्तर:
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सपोर्ट: 25,600 (निफ्टी) / 83,300 (सेंसेक्स)
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रेजिस्टेंस: 25,950 (निफ्टी) / 84,500 (सेंसेक्स)
