ट्रंप का बड़ा खुलासा: भारत-अमेरिका रक्षा सौदों में देरी पर उठाए सवाल

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वाशिंगटन/नई दिल्ली: अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार चौंकाने वाले फैसले ले रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। वेनेजुएला पर कड़े एक्शन और भारत पर टैरिफ बढ़ाने के फैसलों के बीच, ट्रंप ने रक्षा सौदों में हो रही देरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत समीकरणों पर खुलकर चर्चा की।

रक्षा सौदों में ‘साजिश’ या सुस्ती? अपाचे पर घमासान

राष्ट्रपति ट्रंप ने विशेष रूप से अपाचे हेलीकॉप्टर (Apache Helicopter) की आपूर्ति में हुई अत्यधिक देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत जैसे रणनीतिक साझेदार को महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण मिलने में सालों का इंतजार करना पड़ा, जो पूरी तरह से टाला जा सकता था।

  • 5 साल का इंतजार: ट्रंप के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अपाचे के लिए इंतजार करीब 5 साल तक खिंच गया था।

  • ट्रंप का सवाल: उन्होंने इस देरी को ‘अत्यधिक’ बताते हुए संकेत दिया कि क्या यह भारत को सैन्य रूप से मजबूत होने से रोकने की कोई आंतरिक अमेरिकी साजिश थी।

68 बनाम 28: ट्रंप के दावे पर उठे सवाल

ट्रंप के बयान ने एक नया विवाद भी खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि भारत ने ’68 अपाचे हेलीकॉप्टर’ का ऑर्डर दिया है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने अब तक कुल 28 अपाचे हेलीकॉप्टर (22 वायुसेना के लिए और 6 सेना के लिए) की ही डील की है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप ने गलती से यह आंकड़ा बताया या पर्दे के पीछे किसी नए बड़े सौदे की तैयारी चल रही है।

व्यापारिक मतभेद और रूसी तेल का मुद्दा

ट्रंप ने स्वीकार किया कि व्यापारिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच तनाव है। उन्होंने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे व्यक्तिगत रूप से नाखुश थे, विशेषकर उन अमेरिकी टैरिफ को लेकर जो रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर विचार किए गए या लगाए गए। “प्रधानमंत्री मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन व्यापारिक मुद्दों और रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर हमारे बीच गंभीर और स्पष्ट बातचीत हुई है।” – डोनाल्ड ट्रंप

रिश्तों में कड़वाहट या दोस्ती का नया दौर?

भले ही टैरिफ बढ़ाने के फैसलों ने रिश्तों में कुछ खटास पैदा की हो, लेकिन ट्रंप लगातार मोदी के साथ अपनी दोस्ती का जिक्र कर यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि सामरिक स्तर पर दोनों देश अभी भी करीब हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भरता और विविध आपूर्ति स्रोतों पर जोर दे रहा है।

मुख्य हाइलाइट्स:

  1. रक्षा देरी: ट्रंप ने अपाचे की डिलीवरी में 5 साल की देरी को ‘अक्षम्य’ बताया।

  2. आंकड़ों का फेर: भारत के 28 अपाचे के मुकाबले ट्रंप ने ’68’ का आंकड़ा पेश किया।

  3. रूसी तेल: पीएम मोदी ने रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी रुख पर जताई थी नाराजगी।

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