माघ मेला 2026: ‘मेला रेल सेवा’ ऐप से घर बैठे मिलेगी ट्रेन, टिकट और मेडिकल हेल्प

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Fair Rail Service

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 का आगाज हो चुका है। 3 जनवरी से 15 फरवरी तक चलने वाले इस आस्था के महाकुंभ में देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस बार तकनीक का हाथ थामा है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलवे ने ‘मेला रेल सेवा–2026’ नामक एक विशेष डिजिटल पोर्टल और ऐप लॉन्च किया है।

यात्रियों के लिए ‘वन-स्टॉप’ सॉल्यूशन

यह पोर्टल विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है जो ट्रेन के जरिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। अब यात्रियों को छोटी-छोटी जानकारी के लिए स्टेशन पर पूछताछ खिड़की के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

ऐप की मुख्य विशेषताएं:

  • ट्रेन शेड्यूल और बुकिंग: श्रद्धालु मेला स्पेशल ट्रेनों का पूरा टाइम-टेबल, उनके स्टॉपेज और सीटों की उपलब्धता घर बैठे देख सकेंगे और टिकट बुक कर सकेंगे।

  • स्टेशन गाइड: प्रयागराज के सभी प्रमुख स्टेशनों के नक्शे, प्लेटफॉर्म की जानकारी, एंट्री-एग्जिट गेट और आसपास के रास्तों का पूरा विवरण मैप के साथ उपलब्ध है।

  • यात्री सुविधाएं: स्टेशन पर उपलब्ध वेटिंग रूम, विश्राम गृह, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की रियल-टाइम जानकारी।

आपात स्थिति के लिए मेडिकल और ‘खोया-पाया’ सेक्शन

मेले की भीड़ में सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए ऐप में दो विशेष प्रावधान किए गए हैं:

  1. मेडिकल सहायता: ऐप में मेला क्षेत्र और स्टेशनों पर तैनात डॉक्टरों, उपलब्ध एम्बुलेंस सेवाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की सूची दी गई है।

  2. खोया-पाया केंद्र (Lost and Found): यदि भीड़ में किसी का सामान गुम हो जाता है, तो वह सीधे ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर उसे ट्रैक कर सकता है।

प्रशासन का लक्ष्य: सुरक्षित और सुगम यात्रा

मंडल रेल प्रबंधक (DRM) सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि इस ऐप का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है। तकनीक के इस्तेमाल से स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) में मदद मिलेगी और यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

न्यूजहॉक (Newshawk) इनसाइट: माघ मेला जैसे बड़े आयोजनों में अक्सर सूचनाओं के अभाव में भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति बनती है। रेलवे का यह डिजिटल कदम न केवल यात्रियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि प्रशासन को भी रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग में सहायता देगा।

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