आयुष्मान कार्ड: एक छोटी सी गलती और रद्द हो सकता है, आवेदन से पहले जान लें ये नियम
नई दिल्ली | भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। यह योजना पात्र परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देती है। हालांकि, आवेदन प्रक्रिया के दौरान की गई एक छोटी सी मानवीय चूक आपके कार्ड को रिजेक्ट करवा सकती है।
क्यों रिजेक्ट हो सकता है आपका कार्ड?
आयुष्मान कार्ड बनवाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी सरकारी रिकॉर्ड (NHA डेटा) और आपके आधार कार्ड से पूरी तरह मेल खानी चाहिए। यदि इन दोनों के बीच कोई अंतर पाया जाता है, तो आवेदन को अस्वीकार कर दिया जाता है।
भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
कार्ड रिजेक्शन से बचने के लिए इन पांच बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें:
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नाम में त्रुटि: आधार कार्ड और सरकारी रिकॉर्ड में आपके या आपके पिता के नाम की स्पेलिंग एक समान होनी चाहिए।
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जन्म तिथि: तारीख, महीने या साल में थोड़ा सा भी अंतर होने पर आवेदन अटक सकता है।
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लिंग (Gender): जेंडर की जानकारी डेटाबेस से मेल न खाने पर कार्ड रिजेक्ट हो जाएगा।
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पता: आपके वर्तमान पते और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज पते में भिन्नता नहीं होनी चाहिए।
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डेटा सिंकिंग: एनएचए (NHA) और आधार डेटा का हर स्तर पर मिलान होना अनिवार्य है।
इन गंभीर बीमारियों का मिलता है मुफ्त लाभ
आयुष्मान कार्ड के जरिए देश के हजारों सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में निम्नलिखित बीमारियों का इलाज पूरी तरह मुफ्त कराया जा सकता है:
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कैंसर, किडनी और हृदय रोग
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डेंगू, मलेरिया और डायलिसिस
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मोतियाबिंद और अन्य गंभीर सर्जरी
घर बैठे आयुष्मान कार्ड बनाने का तरीका
अब आप बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे अपने फोन से ही आवेदन कर सकते हैं:
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ऐप इंस्टॉल करें: अपने स्मार्टफोन में ‘Ayushman App’ डाउनलोड करें।
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लॉगिन: ‘Beneficiary’ विकल्प चुनें, मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा भरकर लॉगिन करें।
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विवरण भरें: ‘PMJAY’ स्कीम चुनें और अपने राज्य व जिले का चयन करें।
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सत्यापन: अपना आधार नंबर डालकर प्रक्रिया पूरी करें।
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नोट: सटीक जानकारी और सही दस्तावेजों के साथ किया गया आवेदन आपको बीमारी के समय आर्थिक तंगी से बचा सकता है।
