काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं से वसूली व दुर्व्यवहार: सात आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार और “सुगम दर्शन” के नाम पर धन उगाही करने के आरोप में दशाश्वमेध पुलिस ने सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बांसफाटक क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
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गणेश जयसवाल (22) — निवासी D 14/76 टेढ़ी नीम, दशाश्वमेध
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अमन कुमार (22) — निवासी ग्राम हीरावनपुर, सिंधौरा
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कैलाशनाथ पाण्डेय (40) — निवासी लहरतारा, नई बस्ती, मण्डुआडीह
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रितेश पाण्डेय (20) — निवासी बड़ी पियरी, थाना चौक
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वहीद अहमद (42) — निवासी बड़ादेव गोदौलिया, दशाश्वमेध
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रामबली बिन्द (25) — निवासी संकुल घारा, पोखरा, थाना भेलूपुर
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रवि पाण्डेय (21) — निवासी दलवरिया, पानी टंकी, थाना जैतपुरा
अनधिकृत वसूली पर सख्ती
एसीपी ने बताया कि इस तरह की अवैध वसूली और श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाएगी और मुखबिर नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि
काशी विश्वनाथ मंदिर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां रोज़ हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में वसूली और उत्पीड़न की घटनाएं चिंता का विषय बन जाती हैं। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य यह संदेश देना है कि प्रशासन किसी भी अनियमितता पर सख्त है।
आगे के लिए पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए लगातार गश्त और निगरानी की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण अपील
पुलिस ने भक्तों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहें, किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पैसा न दें और किसी भी अनियमितता की खबर तुरंत पुलिस को दें।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि बाबा दरबार आने वालों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी तरह की धोखाधड़ी के प्रयास को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
