बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हाहाकार: 36 घंटे से उड़ानों का इंतजार

0
indigo airlines

बेंगलुरु/नई दिल्ली। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीते दो दिनों से अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा जांच में बढ़ोतरी और एयरलाइन परिचालन में आ रही बाधाओं के कारण हजारों यात्री 24 से 36 घंटे तक हवाई अड्डे पर ही फंसे रहे। कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि अनेक उड़ानें अनिश्चित देरी का सामना कर रही हैं। प्रभावित यात्रियों ने एयरलाइंस पर यह आरोप लगाया है कि देरी, रद्दीकरण और शेड्यूल परिवर्तन की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही।

36 घंटे से उड़ान का इंतज़ार कर रहे यात्री

दिल्ली की रीति गुप्ता भी शुक्रवार तड़के 5 बजे बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचीं। उनकी इंडिगो से दिल्ली की उड़ान निर्धारित थी, जिसके लिए उन्हें देरी की कोई अग्रिम सूचना नहीं मिली थी। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि उनकी उड़ान काफी देरी से चलेगी। निर्धारित समय बीत जाने पर भी कोई अपडेट नहीं मिला।

रीति ने बताया कि इंडिगो ने उन्हें यह भी बताया कि एयरलाइन की 193 उड़ानें आज के दिन रद्द हो चुकी हैं, जिसके चलते शेड्यूल बेहद प्रभावित हुआ है।

यात्रियों के अनुसार कई लोग 36 घंटे से अधिक समय से हवाई अड्डे पर ही रुके हुए हैं। भीड़ के कारण बैठने तक की जगह नहीं बची, जबकि खाने-पीने और आराम की व्यवस्था भी बाधित रही।

4 दिसंबर को भी रद्द हुई थीं 99 उड़ानें

इंडिगो के संचालन में संकट कोई नई बात नहीं है। 4 दिसंबर को भी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 99 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। उस दिन देशभर में—

  • 550 से अधिक घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं

  • मुंबई में 85

  • हैदराबाद में 68

  • चेन्नई में 31

  • दिल्ली में 30 उड़ानें प्रभावित हुईं

लगातार उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

राहुल गांधी का सरकार पर निशाना: “इंडिगो संकट सरकार के एकाधिकार मॉडल का नतीजा”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडिगो संकट पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा—

“इंडिगो की विफलता इस सरकार के ‘एकाधिकार मॉडल’ का नतीजा है। इसकी कीमत आम भारतीयों को देरी, उड़ानें रद्द होने और लाचारी के रूप में चुकानी पड़ रही है।”

उन्होंने कहा कि देश निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हकदार है, न कि “मैच-फिक्सिंग वाली मोनोपॉली व्यवस्था” का।

इंडिगो में संकट की वजह क्या है?

एविएशन एक्सपर्ट्स और एयरलाइन सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ानें प्रभावित होने के बड़े कारण हैं—

1. क्रू मेंबर्स की भारी कमी

नए FDTL नियमों (Flight Duty Time Limit) के लागू होने के बाद

  • पायलटों की ड्यूटी समय में कटौती हुई

  • साप्ताहिक विश्राम बढ़ा

  • रात में लैंडिंग सीमित हुई

इससे क्रू की उपलब्धता पर सीधे असर पड़ा।

2. बम धमकी के बाद बढ़ी सुरक्षा जांच

कुछ दिनों पहले हवाई अड्डे पर बम धमकी की घटना के बाद सुरक्षा स्तर बढ़ा दिया गया, जिसने संचालन को धीमा कर दिया।

3. एयरलाइंस का कमजोर समन्वय

यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइंस शेड्यूल चेंज की जानकारी समय पर नहीं दे रहीं, जिससे भ्रम और परेशानियां बढ़ रही हैं।

केंद्र की सख्ती: इंडिगो प्रबंधन को दिए कड़े निर्देश

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। बैठक में एयरलाइन से—

  • ऑपरेशन सामान्य करने,

  • क्रू प्रबंधन सुधारने,

  • यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी देने

के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए।

सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

यात्रियों में नाराज़गी बढ़ी

कई यात्रियों ने बताया—

  • “बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।”

  • “सोने या आराम करने की जगह नहीं है।”

  • “रिफंड में भी देरी हो रही है।”

हालात कब सामान्य होंगे, इसका स्पष्ट जवाब किसी एयरलाइन ने नहीं दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *