क्रेडिट कार्ड के जरिए भी होगा UPI पेमेंट

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जहां एक तरफ आम जनता पर लोन का बोझ बढ़ा दिया है। वहीं, दूसरी तरफ एक बड़ी राहत भी दी है। RBI ने क्रेडिट कार्ड को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से जोड़ने का ऐलान किया है। इसकी शुरुआत Rupay क्रेडिट कार्ड से की गई है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज UPI के माध्यम से Rupay क्रेडिट कार्ड से भुगतान की अनुमति दे दी है। इसकी घोषणा शक्तिकांत दास ने मोनेटरी पॉलिसी रिव्यू प्रेस कॉन्फ्रेंस (monetary policy review press conference) में की।

अभी क्या है सुविधा?
बता दें कि वर्तमान में, UPI यूजर्स डेबिट कार्ड के माध्यम से सेविंग्स या करेंट अकाउंट को जोड़कर लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। दास ने कहा कि नई व्यवस्था से ग्राहकों को यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से भुगतान करने में अधिक अवसर और सुविधा मिलने की उम्मीद है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वर्तमान में 26 करोड़ से अधिक यूजर्स और 5 करोड़ कारोबारी यूपीआई प्लेटफॉर्म पर शामिल हैं। अकेले मई 2022 में यूपीआई के माध्यम से 10.40 लाख करोड़ रुपये के 594.63 करोड़ लेनदेन किए गए थे

RBI ने क्या कहा?
दास ने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी या कैश की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले समय में महामारी की वजह से उपलब्ध कराई गई अत्यधिक नकदी को कई साल के समय में सामान्य स्तर पर लाया जाएगा। हालांकि, इसके साथ ही केंद्रीय बैंक यह सुनिश्चित करेगा कि अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों के लिए पर्याप्त नकदी उपलब्ध रहे।’’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा शहरी सहकारी बैंकों को अनुसूचित बैंकों की तरह घरों तक अपने ग्राहकों को बैंक से जुड़ी सुविधाएं देने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया गया है।

आरबीआई के अहम फैसले
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा बुधवार को पेश चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
— रेपो रेट को 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 4.9 प्रतिशत किया गया। पांच सप्ताह में यह रेपो दर में दूसरी बढ़ोतरी है।
— चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 5.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत किया गया।
— 2022-23 के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर बरकरार।
— क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ा जाएगा। रूपे क्रेडिट कार्ड पहले जुड़ेंगे।
— ग्रामीण सहकारी बैंकों को वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र को कर्ज देने की अनुमति।
— शहरी सहकारी बैंक घर के दरवाजे पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगे।
— इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नियमित अंतराल पर जरूरी सेवाओं के लिये खुद-ब-खुद होने वाले भुगतान को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया गया।

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