मेरे पिता धर्म के नाम पर हिंसा के खिलाफ थे: इंस्पेक्टर का बेटा

लखनऊ, बुलंदशहर में कथित गोकशी को लेकर भीड़ हिंसा में मारे गये पुलिस इंस्पेक्टर के बेटे ने कहा है कि उनके पिता चाहते थे कि वह एक अच्छा नागरिक बने जो धर्म के नाम पर हिंसा नहीं भड़काये।

अभिषेक सिंह ने कहा, ‘‘मेरे पिता ने इस हिन्दू-मुस्लिम विवाद में अपना जीवन गंवा दिया। अगली बारी किसके पिता की होगी?’’

पुलिस पर हमले के दौरान सोमवार को इंस्पेक्टर सुबोध सिंह और एक 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। सुबोध सिंह ने 2015 में गोमांस खाने को लेकर फैली अफवाह के बाद दादरी निवासी मोहम्मद अखलाक की पीट-पीट कर हत्या मामले की शुरूआती जांच की थी।

इंस्पेक्टर की बहन ने आरोप लगाया कि हत्या पुलिस की एक ‘साजिश’ है।

सुनीता सिंह ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘पुलिस ने एक साजिश में मेरे भाई की हत्या की क्योंकि उसने एक गोहत्या मामले (अखलाक की पीट-पीट कर हत्या मामले) की जांच की थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए और हमारे पैतृक स्थान पर उनका एक स्मारक बनाया जाना चाहिए।’’

आवेशित सुनीता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बरसते हुए कहा , ‘‘गाय हमारी माता है। मैं उसे स्वीकार करती हूं। मेरे भाई ने अपना जीवन उनके लिए दिया। मुख्यमंत्री गाय, गाय, गाय करते रहते हैं। वह गौ रक्षा के लिए कदम क्यों नहीं उठाते?’’