राहुल गांधी वो रॉकेट हैं, जिसका धुआं निकल चुका है: सीएम योगी

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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना दिवाली के ऐसे रॉकेट से की, जो जलने के बाद भी आसमान में उड़ान नहीं भर पाता। गोरखपुर में आयोजित भाजपा की जनसभा में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर राहुल गांधी को बार-बार राजनीतिक रूप से लॉन्च करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस आखिर कितनी बार राहुल गांधी को लॉन्च करेगी। उन्होंने दिवाली के रॉकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ रॉकेट में आग लगाने के बाद भी वे ऊपर नहीं जाते और वहीं बुझ जाते हैं। उनके मुताबिक राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति भी ऐसी ही है।

राहुल गांधी के राजनीतिक सफर का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी ने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में वह पहली बार लोकसभा सांसद बने। इसके बाद 2007 में कांग्रेस के महासचिव, 2013 में पार्टी के उपाध्यक्ष और 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए।

उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से राहुल गांधी की हार का भी जिक्र किया। योगी ने कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा के जरिए राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें लगातार युवा नेता के रूप में पेश किया जा रहा है।

अखिलेश यादव के बदला लेने वाले बयान पर पलटवार

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अगली पीढ़ी द्वारा हर लाठी और हर जख्म का बदला लेने की बात कही थी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में बदला लेने की नहीं, बल्कि जनता के वोट से बदलाव लाने की व्यवस्था होती है। उन्होंने 2014 में केंद्र और 2017 में उत्तर प्रदेश में हुए राजनीतिक बदलाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता चुनाव के माध्यम से अपना फैसला सुनाती है।

ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर चुनावी हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यदि ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं तो उसी व्यवस्था से चुनाव जीतने वाले नेता संसद में शपथ भी लेते हैं।

उन्होंने कांग्रेस को आपातकाल के मुद्दे पर भी घेरा और वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के लिए देश से माफी मांगने की चुनौती दी।

एसआईआर को लेकर भी रखी अपनी बात

योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में मृत और अपात्र लोगों के नाम हटाना जरूरी है। इस मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की आलोचना भी की।

गोरखपुर में आयोजित इस जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और एनडीए के अन्य नेता भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के तहत आयोजित किया गया था।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निशाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव दोनों रहे। उनके बयानों से उत्तर प्रदेश की आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत मिले हैं।

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