जनगणना 2027: आधार, बैंक खाते और मोबाइल नंबर की देनी होगी जानकारी
लखनऊ | उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना के दौरान लोगों से आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खातों की संख्या और अन्य पहचान संबंधी जानकारी भी पूछी जाएगी। इसके साथ ही आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जातीय विवरण भी दर्ज किया जाएगा। यह अभियान डिजिटल माध्यम से पूरा किया जाएगा।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस दौरान जनगणना कर्मी घर-घर जाकर परिवारों और प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी जुटाएंगे।
लोगों से पूछे जाएंगे 40 सवाल
जनगणना के दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल होंगे। इनमें सामाजिक और आर्थिक स्थिति के साथ पहचान दस्तावेजों और बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं।
प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
- आधार कार्ड उपलब्ध होने और आधार नंबर की जानकारी।
- मोबाइल नंबर।
- व्यक्ति के पास कितने बैंक खाते हैं।
- मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) और उसका नंबर।
- भारतीय पासपोर्ट और उसका नंबर।
- ड्राइविंग लाइसेंस होने की जानकारी।
- कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित विवरण।
- व्यक्ति का जातीय विवरण और अन्य जनसांख्यिकीय जानकारी।
बैंक खातों के मामले में खातों की संख्या पूछी जाएगी, न कि बैंक खाते का नंबर। जनगणना निदेशालय के अनुसार, पहचान संबंधी दस्तावेजों की मूल प्रति दिखाने या उनकी फोटोकॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
5 जनवरी 2027 होगी संदर्भ तिथि
जनगणना के लिए 5 जनवरी 2027 को संदर्भ तिथि माना जाएगा। इसके बाद 5 से 9 जनवरी तक संशोधन का चरण निर्धारित किया गया है, जिसमें जन्म, मृत्यु और अन्य बदलावों को ध्यान में रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश में इस बड़े अभियान के लिए 5.62 लाख से अधिक कर्मचारियों को तैनात किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जनगणना का कार्य निर्धारित व्यवस्था के तहत कराया जाएगा।
घर बैठे भी भर सकेंगे जानकारी
इस बार जनगणना को डिजिटल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। लोगों को घर-घर आने वाले गणनाकर्मी के अलावा स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में डिजिटल प्रक्रिया से जानकारी एकत्र करने में समय कम लगने और आंकड़ों के प्रबंधन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बेघर लोगों की भी होगी गणना
जनगणना अभियान के दौरान बेघर लोगों की संख्या दर्ज करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 4 जनवरी की रात खुले में सो रहे लोगों की गणना की जाएगी। इसमें फ्लाईओवर, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे स्थानों पर रात बिताने वाले लोग भी शामिल होंगे।
क्या निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी?
जनगणना में आधार, मोबाइल और अन्य पहचान संबंधी जानकारी मांगे जाने के कारण लोगों के मन में डेटा की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, जनगणना से प्राप्त व्यक्तिगत रिकॉर्ड गोपनीय रखे जाते हैं और कानून के तहत उनकी सुरक्षा की व्यवस्था है। सार्वजनिक रूप से मुख्यतः समेकित आंकड़े जारी किए जाते हैं।
