3 मार्च को लगेगा 2026 का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण: भारत में भी दिखेगी झलक
नई दिल्ली: साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी खगोलीय घटना के साथ होने जा रही है। आगामी 3 मार्च, मंगलवार को साल का पहला और सबसे लंबी अवधि वाला चंद्र ग्रहण लगेगा। यह एक ‘खग्रास’ यानी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि में लगने जा रहा है।
दोपहर से शुरू होगा ग्रहण का प्रभाव
भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण 3 मार्च की दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की पूर्ण अवस्था (खग्रास) दोपहर 4 बजकर 34 मिनट पर शुरू होगी, जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में छिप जाएगा।
भारत में दृश्यता: मात्र 25 मिनट का समय
भारत में ग्रहण के समय चंद्रमा क्षितिज से नीचे होगा, इसलिए यह केवल चंद्रोदय के समय ही दिखाई देगा। देश के अधिकांश हिस्सों में शाम 6 बजकर 22 मिनट पर चंद्रोदय होगा, जिसके बाद लोग लगभग 25 मिनट तक इस खगोलीय घटना का दीदार कर सकेंगे। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में ग्रहण की आंशिक झलक देखी जा सकेगी।
सुबह 6:20 से शुरू हो जाएगा सूतक काल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले ही लग जाता है। इस आधार पर 3 मार्च की सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल प्रभावी हो जाएगा। सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ की मनाही होती है।
सावधानियां और उपाय
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गर्भवती महिलाएं: विशेषज्ञों की सलाह है कि ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची जैसी नुकीली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए और यथासंभव घर के भीतर रहना चाहिए।
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मंत्र जाप: ग्रहण काल में ‘ॐ सोमाय नमः’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना मानसिक शांति और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए उत्तम माना गया है।
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दान-पुण्य: ग्रहण समाप्त होने के बाद सफेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल, चीनी या सफेद वस्त्रों का दान करना विशेष फलदायी होता है।
नोट: सूतक काल के दौरान भोजन पकाने और खाने से बचना चाहिए। हालांकि, बीमार, वृद्ध और बच्चों के लिए इन नियमों में छूट दी गई है।
