बजट 2026: आम आदमी की इन 5 बड़ी उम्मीदों पर फिरा पानी
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। जहाँ एक ओर सरकार ने इसे विकसित भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, वहीं दूसरी ओर मिडिल क्लास, किसानों और निवेशकों की कुछ ऐसी मांगें थीं, जिन्हें इस बार के बजट में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
यहाँ उन 5 बड़े ऐलानों का विवरण है, जिनकी उम्मीद तो थी लेकिन वे बजट में नहीं हुए:
1. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
करदाताओं को उम्मीद थी कि नए इनकम टैक्स रिजीम के तहत ‘0’ टैक्स की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 14 लाख रुपये किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे मध्यम वर्ग को कोई अतिरिक्त राहत नहीं मिली।
2. नए टैक्स रिजीम में निवेश पर छूट का अभाव
बजट से पहले चर्चा थी कि सरकार नए टैक्स रिजीम को लोकप्रिय बनाने के लिए इसमें PPF, NPS और ELSS जैसी बचत योजनाओं पर टैक्स छूट दे सकती है। लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई; ये छूट अभी भी केवल पुराने टैक्स सिस्टम तक ही सीमित हैं।
3. किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि नहीं बढ़ी
कृषि क्षेत्र को उम्मीद थी कि पीएम किसान योजना की राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये सालाना की जाएगी। इसके अलावा, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर भी किसी बड़े कानूनी वादे या बदलाव का ऐलान इस बजट में नहीं दिखा।
4. सीनियर सिटीजन को रेल टिकट में रियायत नहीं
बुजुर्गों को उम्मीद थी कि कोविड के समय से बंद हुई रेल टिकटों में रियायत (Concession) फिर से शुरू हो सकती है, लेकिन बजट में इस पर चुप्पी साधी गई। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस (TDS) कटौती के नियमों में भी कोई राहत नहीं दी गई है।
5. शेयर बाजार निवेशकों को लगा झटका
शेयर बाजार के निवेशकों को शॉर्ट टर्म (STCG) और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके उलट, F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) ट्रेडर्स के लिए ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ा दिए गए, जिससे ट्रेडिंग करना अब और महंगा हो गया है।
