फरवरी में राहु-मंगल की युति से बनेगा ‘अंगारक योग’: इन 3 राशियों पर मंडराएगा खतरा
ज्योतिष डेस्क। ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से आने वाला महीना यानी फरवरी 2026 काफी उथल-पुथल भरा रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस माह में राहु और मंगल एक ही राशि में गोचर करते हुए ‘अंगारक योग’ का निर्माण करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस युति को अत्यंत विनाशकारी और अशुभ माना जाता है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन तीन राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
क्या है अंगारक योग और क्यों है खतरनाक?
ज्योतिष में मंगल को ‘अग्नि’ और राहु को ‘वायु’ का कारक माना जाता है। जब इन दोनों का मिलन होता है, तो यह ‘आग में घी’ डालने जैसा काम करता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के स्वभाव में अत्यधिक क्रोध, उत्तेजना और चिड़चिड़ापन आता है। सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर विवाद बढ़ने की आशंका रहती है और आकस्मिक दुर्घटनाओं का योग भी बनता है।
इन 3 राशियों पर रहेगा प्रतिकूल प्रभाव
ज्योतिषियों के अनुसार, अंगारक योग के कारण निम्नलिखित राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
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मेष राशि (Aries): आपके लिए यह समय मानसिक तनाव और क्रोध बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों से विवाद हो सकता है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है।
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मिथुन राशि (Gemini): आर्थिक मोर्चे पर यह योग भारी पड़ सकता है। निवेश के मामलों में जोखिम न लें और फिजूलखर्ची से बचें। पारिवारिक संपत्ति को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है।
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वृश्चिक राशि (Scorpio): स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से यह समय संवेदनशील है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और चोट-चपेट से बचने का प्रयास करें। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है।
ज्योतिषीय उपाय और बचाव
अंगारक योग के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ उपाय सुझाए हैं:
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प्रतिदिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
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मंगलवार के दिन मंदिर में लाल मसूर की दाल या गुड़ का दान करें।
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क्रोध से बचें और किसी भी बड़े निर्णय को लेने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लें।
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महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी मानसिक शांति के लिए फलदायी होगा।
Disclaimer: यह आलेख ज्योतिषीय मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत सलाह के लिए विशेषज्ञ ज्योतिषी से संपर्क करें।
