15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति, जानें दान का शुभ मुहूर्त और नियम
नई दिल्ली/वाराणसी: आस्था और सूर्य उपासना का महापर्व मकर संक्रांति इस बार 15 जनवरी (गुरुवार) को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य देव 14 जनवरी की रात 9:38 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि सूर्य का गोचर रात में हो रहा है, इसलिए इसके बाद के 16 घंटों का ‘पुण्यकाल’ अगले दिन यानी 15 जनवरी को प्राप्त होगा। इसी के साथ एक महीने से चल रहा ‘खरमास’ भी समाप्त हो जाएगा।
आज मनेगी लोहड़ी: अग्नि देव को अर्पित होंगे तिल-गुड़
सिख समाज और उत्तर भारत का प्रमुख पर्व लोहड़ी आज (13 जनवरी) श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शाम के समय खुले स्थानों पर अलाव जलाकर अग्नि देव की परिक्रमा की जाएगी। इसमें तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और मक्की के दाने अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। ढोल की थाप पर गिद्दा और भांगड़ा के साथ उत्सव का समापन होगा।
दान का महत्व: अक्षय पुण्य की होगी प्राप्ति
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, मकर संक्रांति पर किया गया स्नान और दान कई गुना फल प्रदान करता है। इससे सूर्य और शनि ग्रह मजबूत होते हैं और ग्रह दोष शांत होते हैं।
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क्या दान करें: अन्न, तिल, गुड़, चावल, खिचड़ी और कंबल का दान विशेष फलदायी है।
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विशेष लाभ: विंध्यधाम के ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि के अनुसार, इस दिन दो रंग वाले कपड़े या कंबल दान करने से विशेष लाभ मिलता है।
सावधान: भूलकर भी न करें इन चीजों का दान
मकर संक्रांति पर गलत वस्तुओं का दान शनिदेव को रुष्ट कर सकता है। ज्योतिषाचार्यों ने कुछ वस्तुओं को दान की सूची से बाहर रखने की सलाह दी है:
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धारदार वस्तुएं: चाकू, तलवार, कैंची या ब्लेड जैसी नुकीली चीजों का दान बिल्कुल न करें।
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लोहा: लोहे से बनी वस्तुओं के दान से इस दिन परहेज करना चाहिए।
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हानि की आशंका: ऐसी वस्तुओं के दान से शनिदेव नाराज हो सकते हैं, जिससे जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।
मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार
हालांकि 15 जनवरी को खरमास समाप्त हो जाएगा, लेकिन विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए अभी इंतजार करना होगा। शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण विवाह के शुभ मुहूर्त फरवरी से प्रारंभ होंगे।
मकर संक्रांति: एक नज़र में
| विवरण | तिथि और समय |
| सूर्य का मकर प्रवेश | 14 जनवरी, रात 9:38 बजे |
| मकर संक्रांति (स्नान-दान) | 15 जनवरी, 2026 (गुरुवार) |
| खरमास समाप्ति | 15 जनवरी |
| मांगलिक कार्य शुरू | फरवरी 2026 से |
