श्रीलंका पर मालदीव का गंभीर आरोप, कहा- ‘गोरी चमड़ी’ देखकर दिया जा रहा वीजा
माले/कोलंबो | हिंद महासागर के दो पड़ोसी देशों, मालदीव और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक संबंध बेहद नाजुक दौर में पहुँच गए हैं। श्रीलंका में मालदीव के हाई कमिश्नर मसूद इमाद ने श्रीलंकाई सरकार पर मालदीव के नागरिकों के साथ नस्लीय भेदभाव और ‘सौतेला व्यवहार’ करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका इमिग्रेशन विभाग वीजा जारी करने के लिए ‘चमड़ी का रंग’ देख रहा है।
“सिर्फ गोरी चमड़ी वाले ही विजिटर क्यों?”
एक हालिया इंटरव्यू में मसूद इमाद ने श्रीलंकाई इमिग्रेशन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैं हैरान हूँ कि श्रीलंकाई अधिकारी सिर्फ गोरी चमड़ी वाले लोगों को ही वास्तविक पर्यटक (Visitor) क्यों मानते हैं? मालदीव के लोगों को अपना वीजा रिन्यू कराने के लिए सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, जबकि अन्य देशों के लोगों के साथ ऐसा नहीं होता।”
भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोप
हाई कमिश्नर ने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई इमिग्रेशन में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उनके अनुसार, इमिग्रेशन अधिकारी पैसों के लिए जानबूझकर प्रक्रिया को जटिल बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जो लोग ट्रैवल एजेंटों के जरिए मोटी रकम खर्च करते हैं, उनका काम आसानी से हो जाता है, जबकि आम मालदीवियाई नागरिकों को प्रताड़ित किया जाता है।
तनाव के मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| मुद्दा | मालदीव का पक्ष / आरोप |
| वीजा भेदभाव | गोरी चमड़ी के आधार पर वरीयता; लंबी कतारों में खड़ा करना। |
| स्वास्थ्य सेवाएं | श्रीलंकाई अस्पतालों ने हेल्थ इंश्योरेंस पर इलाज बंद किया। |
| सुरक्षा सवाल | श्रीलंका से पूछा— “क्या मालदीव को सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है?” |
| मत्स्य पालन | श्रीलंकाई नावें मालदीव की सीमा में अवैध घुसपैठ कर रही हैं। |
| चेतावनी | स्थिति न सुधरने पर मालदीव में रह रहे श्रीलंकाई लोगों पर सख्त नियम। |
इलाज के लिए तरस रहे मालदीव के लोग
तनाव का सबसे बुरा असर मालदीव के उन नागरिकों पर पड़ रहा है जो इलाज के लिए श्रीलंका जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका के कई प्रमुख अस्पतालों ने मालदीव के हेल्थ इंश्योरेंस पर मुफ्त या कैशलेस इलाज की सुविधा बंद कर दी है। इससे वहां रह रहे हजारों मालदीवियाई परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
समुद्री सीमा और ‘वीजा युद्ध’ की धमकी
मसूद इमाद ने समुद्री सीमा विवाद पर भी श्रीलंका को घेरा। उन्होंने कहा कि मालदीव की नावें कभी श्रीलंकाई सीमा में नहीं घुसतीं, लेकिन श्रीलंकाई मछुआरे अक्सर अवैध रूप से मालदीव के पानी में आते हैं।
कड़ी चेतावनी: हाई कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। यदि मालदीव के नागरिकों के साथ हो रहा यह भेदभावपूर्ण व्यवहार तुरंत नहीं रुका, तो मालदीव भी जवाबी कार्रवाई करते हुए वहां रह रहे श्रीलंकाई नागरिकों के लिए वीजा नियमों को अत्यंत कठोर कर देगा।
