संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से: 1 फरवरी को पेश होगा देश का बजट
नई दिल्ली | संसद का आगामी बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होने की पूरी संभावना है। इस बार का बजट सत्र कई मायनों में खास होगा, क्योंकि केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा, जिस दिन रविवार है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) द्वारा तय किए गए संभावित कार्यक्रम के अनुसार, इस सत्र की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगा आगाज
अधिकारियों के अनुसार, सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण से होगी। वे संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इसके बाद बजट प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
आर्थिक सर्वेक्षण और बजट की तारीखें
कार्यक्रम के मुताबिक, 29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह के कारण संसद की कोई बैठक नहीं होगी। इसके अगले दिन यानी 30 जनवरी को सरकार देश का आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश करेगी। 31 जनवरी को सदन की छुट्टी रहेगी और फिर 1 फरवरी (रविवार) को वित्त मंत्री देश का आम बजट पेश करेंगे।
बजट सत्र 2026: एक नज़र में संभावित कार्यक्रम
| तारीख | कार्यक्रम / विवरण |
| 28 जनवरी | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संयुक्त सत्र में अभिभाषण |
| 29 जनवरी | बीटिंग रिट्रीट (संसद की बैठक नहीं होगी) |
| 30 जनवरी | आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश होगा |
| 31 जनवरी | संसद की छुट्टी |
| 01 फरवरी | केंद्रीय बजट (Union Budget) की प्रस्तुति (रविवार) |
| 13 फरवरी | सत्र का पहला चरण समाप्त (अवकाश की शुरुआत) |
| 09 मार्च | बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू |
| 02 अप्रैल | सत्र का समापन (अनिश्चित काल के लिए स्थगन) |
दो चरणों में चलेगा सत्र
बजट और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बाद, संसद 13 फरवरी को लगभग एक महीने के अवकाश पर चली जाएगी। यह अवकाश संसदीय समितियों को विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच करने का समय देता है। इसके बाद, सत्र का दूसरा हिस्सा 9 मार्च से शुरू होगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा।
विशेष नोट: इस बार 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद बजट पेश किया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि सरकार वित्तीय समय सीमा और परंपरा को प्राथमिकता दे रही है।
