अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: रूसी पनडुब्बी के पहुंचने से पहले ही वेनेजुएला का ‘डार्क फ्लीट’ टैंकर जब्त
वॉशिंगटन: अमेरिका ने समुद्र के बीचों-बीच एक बड़े सैन्य ऑपरेशन को अंजाम देते हुए वेनेजुएला के ‘डार्क फ्लीट’ तेल टैंकर ‘बेला 1’ (Bella 1) को कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब रूस इस टैंकर की सुरक्षा के लिए अपनी परमाणु पनडुब्बी तैनात करने की तैयारी में था। रूसी मदद पहुंचने से पहले ही अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे आइसलैंड और ब्रिटिश द्वीपों के बीच दबोच लिया।
कैसे हुआ यह ‘हाई-वोल्टेज’ ऑपरेशन?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ‘बेला 1’ वेनेजुएला के पास अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़कर भागने में सफल रहा था। इसे पकड़ने के लिए अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी:
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सैन्य ताकत का इस्तेमाल: इस ऑपरेशन में P-8 पोसाइडन (सबमरीन-हंटर विमान) और AC-130J गनशिप को लगाया गया था।
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समुद्र में घेराबंदी: अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने हेलिकॉप्टरों और कम से कम चार कोस्ट गार्ड वेसल्स (जहाजों) की मदद से टैंकर को चारों तरफ से घेर लिया।
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अगला कदम: टैंकर पर कब्जा करने के बाद अब अमेरिकी अधिकारियों ने जहाज को चलाने के लिए अपने कैप्टन और मैकेनिकल टीम को वहां भेजा है।
रूस का फर्जी झंडा और नाकामी
व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह तेल टैंकर पिछले दो हफ्तों से अमेरिकी रडार से बचने की कोशिश कर रहा था। टैंकर ने खुद को बचाने के लिए एक शातिर चाल चली थी:
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फर्जी पहचान: पकड़े जाने के समय जहाज पर रूस का फर्जी झंडा लगा हुआ था ताकि अमेरिकी सेना भ्रमित हो जाए।
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रूसी सुरक्षा का दावा: रूस ने ऐलान किया था कि उसकी पनडुब्बियां और युद्धपोत इस टैंकर को एस्कॉर्ट (सुरक्षा) करेंगे, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही अमेरिका ने मिशन पूरा कर लिया।
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स्टेटलेस जहाज: जांच में पाया गया कि जहाज वास्तव में ‘स्टेटलेस’ (बिना किसी देश के पंजीकरण वाला) था और अवैध तरीके से तेल की तस्करी कर रहा था।
क्यों अहम है यह जब्ती?
यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के कड़े रुख को दर्शाती है। वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल ले जा रहे इन ‘डार्क फ्लीट’ जहाजों पर लगाम कसने के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है। रूस की सैन्य सुरक्षा के दावे के बावजूद अमेरिकी सफलता ने इस मामले को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
