गांधीनगर में ‘इंदौर’ जैसा जल संकट: दूषित पानी से 100 से ज्यादा बीमार

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गांधीनगर: गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पेयजल की वजह से हड़कंप मच गया है। शहर के विभिन्न सेक्टरों में गंदा पानी पीने से 100 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच में अधिकतर मरीजों में टायफाइड की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मोर्चा संभाल लिया है।

इंदौर की घटना ने बढ़ाई चिंता

गांधीनगर के हालात मध्य प्रदेश के इंदौर की याद दिला रहे हैं, जहाँ हाल ही में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की जान चली गई थी। गांधीनगर के सेक्टर 25, 26 और 28 में बीमारों की संख्या लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शनिवार सुबह तक मरीजों का आंकड़ा 100 के पार पहुँचते ही स्वास्थ्य विभाग ने इमरजेंसी कदम उठाए हैं।

एक्शन में सरकार: अमित शाह और हर्ष संघवी ने की समीक्षा

  • अमित शाह का हस्तक्षेप: गांधीनगर से सांसद और गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर स्थिति की पूरी जानकारी ली। उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि बीमारों के उपचार में कोई कमी न रहे और उन्हें नियमित अपडेट दिया जाए।

  • उपमुख्यमंत्री का दौरा: डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने गांधीनगर के महापौर और कलेक्टर के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने खुद सरकारी अस्पताल जाकर मरीजों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्राउंड जीरो पर राहत कार्य

प्रशासन ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है:

  1. मेडिकल टीम: 22 डॉक्टरों की एक विशेष टीम को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।

  2. डोर-टू-डोर सर्वे: स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने करीब 10,000 घरों का सर्वे कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की है।

  3. सैंपल टेस्टिंग: प्रभावित क्षेत्रों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।

सीवरेज लीकेज बना मुसीबत की जड़!

स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि सीवरेज लाइन में लीकेज होने के कारण गंदा पानी पीने वाली पाइपलाइन में मिल गया। इसी दूषित मिश्रण के कारण लोग टायफाइड और अन्य पेट की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इंदौर में हुई मौतों के बाद गांधीनगर प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।

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