1 फरवरी से अब हर पान मसाला पैकेट पर छपेगी MRP

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pan masala

नई दिल्ली। पान मसाला खाने वालों और इसकी बिक्री से जुड़े कारोबारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पान मसाला पैकेटों पर लगने वाले नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एमआरपी (Maximum Retail Price) और लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स के तहत अनिवार्य सभी जानकारियां छापना अब सभी साइज के पैकेटों के लिए जरूरी कर दिया है। यह नया नियम 1 फरवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा।

सरकार ने Legal Metrology (Packaged Commodities) Second Amendment Rules, 2025 को अधिसूचित किया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, सभी निर्माता, पैकर्स और आयातक — इस तारीख से नए प्रावधानों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।

पहले छोटे पैकेट को मिली छूट अब खत्म

अभी तक 10 ग्राम या उससे छोटे पान मसाला पैकेटों पर एमआरपी और कुछ अन्य विवरण छापना अनिवार्य नहीं था। नियम 26(a) के तहत दी गई यह छूट अब हटा दी गई है। सरकार ने इसकी जगह पान मसाला के लिए विशेष श्रेणी के नियम बनाए हैं, जिसके तहत हर साइज के पैकेट पर MRP छापना जरूरी होगा, वजन, मात्रा, निर्माता का नाम, पैकिंग/एक्सपायरी तारीख आदि सभी विवरण अनिवार्य होंगे, यह नियम देशभर में एक समान रूप से लागू किया जाएगा।

MRP अनिवार्य क्यों किया गया?

सरकार का कहना है कि पान मसाला व तंबाकू उत्पादों पर लगने वाला GST, पैकेट की MRP के आधार पर तय होता है। छोटे पैकेटों पर MRP न होने से: टैक्स की सही गणना में दिक्कत आती थी, टैक्स चोरी की संभावना बढ़ जाती थी, बाजार में भ्रम और भ्रामक मूल्य निर्धारण होता था, अब MRP अनिवार्य होने से: GST कलेक्शन पारदर्शी होगा, टैक्स चोरी पर रोक लगेगी, उपभोक्ताओं को सही कीमत की जानकारी मिलेगी।

ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

सरकार के अनुसार इस फैसले से ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा छोटे पैकेटों पर भी स्पष्ट कीमत दिखेगी। दुकानदारों द्वारा मनमानी कीमत लेने पर रोक लगेगी। पारदर्शी और सुरक्षित खरीदारी सुनिश्चित होगी।

कितना लगता है पान मसाला पर टैक्स?

वर्तमान में 28% गस्त, साथ में अलग-अलग दरों पर Compensation सेस, कंपनसेशन सेस को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया गया है। इससे जुटी राशि का उपयोग केंद्र सरकार द्वारा कोविड काल में राज्यों को दिए गए ऋण की भरपाई में किया जा रहा है।

निर्माताओं के लिए बड़ी जिम्मेदारी

1 फरवरी 2026 के बाद गलत पैकेजिंग, गलत एमआरपी, अनिवार्य जानकारी न देने, या झूठे विवरण के मामलों में Legal Metrology Act के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

उद्योग से जुड़े बिजनेस समूहों का कहना है कि नियम सही दिशा में हैं। लेकिन छोटे निर्माताओं को नए पैकेजिंग मानकों को अपनाने में समय और लागत बढ़ेगी। GST अनुपालन आसान होगा।

सरकार का यह कदम पान मसाला उद्योग को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। उपभोक्ता अधिकार सुरक्षित होंगे और टैक्स चोरी पर नकेल कसी जाएगी।

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