2027 में दीवाली पर लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देशभर के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की औपचारिक घोषणा कर दी है। इसके Terms of Reference (ToR) यानी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं, जिससे अब सरकारी वेतन, भत्तों और पेंशन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है।
कौन हैं आयोग के सदस्य
सरकार ने आयोग में तीन प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति की है —
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न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई — अध्यक्ष
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प्रोफेसर पुलक घोष — पार्ट-टाइम सदस्य
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पंकज जैन (IAS) — सदस्य-सचिव
आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें अप्रैल 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। संभावना है कि दीवाली 2027 तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो जाएंगी।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोग जरूरत पड़ने पर अंतरिम रिपोर्ट (Interim Report) भी दे सकता है, जिससे कर्मचारियों को समय से पहले राहत मिल सके।
8वां वेतन आयोग क्या करेगा
सरकार के अनुसार, आयोग का उद्देश्य है —
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कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते, बोनस, ग्रेच्युटी और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) की समीक्षा करना,
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राजकोषीय संतुलन (Fiscal Balance) बनाए रखना ताकि सरकार पर अनावश्यक बोझ न पड़े,
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राज्य सरकारों, PSU कर्मचारियों और निजी क्षेत्र के वेतन ढांचे से तुलना कर समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
सैलरी कितनी बढ़ सकती है?
वित्तीय संस्थानों (जैसे कोटक इक्विटीज और एम्बिट कैपिटल) के अनुमानों के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 2.46 के बीच रह सकता है।
| फिटमेंट फैक्टर | नई बेसिक सैलरी (₹18,000 पर) | अनुमानित वृद्धि |
|---|---|---|
| 1.82× | ₹32,760 | 🔼 14% |
| 2.15× | ₹38,700 | 🔼 34% |
| 2.46× | ₹44,280 | 🔼 54% |
हालांकि, महंगाई भत्ता (DA) नए सिरे से “0” पर रीसेट किया जाएगा, इसलिए वास्तविक वृद्धि 13-15% के बीच मानी जा रही है।
बोनस, ग्रेच्युटी और PLI सिस्टम में भी बदलाव
8वां वेतन आयोग सिर्फ वेतन बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रहेगा — यह बोनस, रिटायरमेंट बेनिफिट्स, ग्रेच्युटी, और PLI स्ट्रक्चर की भी व्यापक समीक्षा करेगा।
पिछली बार 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, जिससे औसतन 14-16% की बढ़ोतरी हुई थी। इस बार कर्मचारियों को उम्मीद है कि वेतन वृद्धि उससे अधिक हो सकती है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि 8वां वेतन आयोग केवल वेतन वृद्धि का मामला नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य आर्थिक स्थिरता, उत्पादकता और उपभोग क्षमता बढ़ाना है।
नई सैलरी संरचना से न सिर्फ कर्मचारियों की क्रय शक्ति (purchasing power) बढ़ेगी, बल्कि घरेलू मांग और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
2027 की दीवाली बन सकती है ‘सोने पर सुहागा’
अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो 2027 की दीवाली देशभर के केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के लिए वास्तव में “सोने पर सुहागा” साबित हो सकती है।
