कोरोना संकट: केंद्रीय GST एवं कस्टम्स विभाग के निरीक्षकों ने की अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण करने की मांग

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कोरोना महामारी के चलते केंद्र सरकार और राज्य की सरकारें विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों, देश के अन्दर ही दूसरे राज्यों में मजदूरी या नौकरी करने वाले लोगों और घर से दूर रहकर पढ़ने वाले छात्रों की सरकारी खर्चे पर घर वापसी करवा रहीं हैं तो दूसरी ओर देश के कुछ सरकारी महकमे ऐसे भी हैं जहाँ उनके कर्मचारियों को वास्तविक आधार पर भी एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानान्तरण की सुविधा नहीं दी जाती है।

ज्ञात हो कि केंद्रीय GST एवं कस्टम्स विभाग में निरीक्षकों के लिए अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण (ICT) की सुविधा कुछ समय पहले बंद कर दी गयी थी, जबकि विभाग के अन्य सभी संवर्गों को ये सुविधा अभी भी प्राप्त है।

वैश्विक कोरोना महामारी के चलते केंद्रीय GST एवं कस्टम्स विभाग के निरीक्षकों ने संघ के माध्यम से अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण जैसी संवर्ग कल्याणकारी योजना पुनः चालू करने की गुहार लगायी।

विभाग में बहुत सारे निरीक्षक ऐसे भी हैं जो अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण (ICT) बंद होने के कारण कई वर्षों से अपने जीवनसाथी से अलग रहने पर मजबूर कर दिए गए हैं। कई निरीक्षक अपने बूढ़े और कैंसर, टीबी जैसे घातक रोगों से पीडि़त माता-पिता की एकल संतान है और उनसे दूर रहने के लिए बाध्य हैं। कुछ निरीक्षक ऐसे भी हैं जिनके बच्चे मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम हैं, कुछ निरीक्षक तो स्वयं दिव्यांग हैं, और कुछ स्वयं घातक रोगों से पीडि़त हैं, परन्तु विभाग इनको भी गृह राज्य में तैनाती नहीं देता। गृह राज्य से सैकड़ों किलोमीटर दूर तैनात होने के कारण अविवाहित महिला निरीक्षकों को विवाह के लिए वर नहीं मिल रहा।

अखिल भारतीय केंद्रीय GST निरीक्षक संघ के महासचिव अनुभूति चटर्जी एवं अध्यक्ष अखिल सोनी ने विभाग के CBIC बोर्ड, नई दिल्ली को लिखे गए पत्र के माध्यम से यह बताया कि विभाग में अपने गृह राज्य से बाहर तैनात निरीक्षक अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण बंद होने के कारण पहले से ही मानसिक तनाव में थे, परन्तु अब कोरोना काल में उनके मानसिक स्वास्थ्य में कई गुना गिरावट आने लगी है, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है और परिणाम स्वरुप कर संग्रह पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

ICT बहुत पुराने समय से ही इस विभाग की सुस्थापित संवर्ग कल्याणकारी योजना रही है और विभाग के अन्य सभी संवर्गों के लिए ये अभी भी चालू है परन्तु केवल निरीक्षक वर्ग के लिए अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है जिससे निरीक्षक वर्ग स्वयं को उत्पीडि़त महसूस करते हैं।

विभाग में निरीक्षकों के लिए ICT के बंद होने के कारण बहुत से निरीक्षक नौकरी छोड़ चुके हैं और कुछ नौकरी छोड़ने के कगार पर है। अपने घर के नजदीक रहने के लिए इनमें से किसी ने दूसरा विभाग तो किसी ने निचले वर्ग की नौकरी ज्वाइन कर ली है। इसके कारण विभाग से प्रतिभा पलायन हो रहा है और दक्ष कर्मचारियों की संख्या में कमी आ रही है।

अगर यह क्रम इसी तरह जारी रहा तो निश्चित रूप से विभाग की कार्य क्षमता कम होती चली जाएगी जिससे कर संग्रह पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा क्योंकि निरीक्षक वर्ग इस विभाग में जमीनी स्तर पर रहकर काम करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कार्यकारी अधिकारी है।

हमारे पूरे जीवनकाल के इस सबसे बड़े सामाजिक आर्थिक संकट में, जबकि सभी सरकारें, सरकारी कर्मचारियों के कई आर्थिक लाभों को स्थगित कर रहीं हैं, अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण जैसी संवर्ग कल्याणकारी योजना पुनः चालू करने से निरीक्षकों की कार्यक्षमता और क्रमशः विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, अंततोगत्वा कर संग्रह में भी वृद्धि होगी।

अतः अखिल भारतीय केंद्रीय जीएसटी निरीक्षक संघ ने विभाग में निरीक्षक वर्ग के लिए अंतर आयुक्तालय स्थानांतरण को यथाशीघ्र पुनः चालू करने की मांग की।

संघ की स्थानीय लखनऊ इकाई के महासचिव अभिजात श्रीवास्तव ने भी इस मांग का समर्थन किया है।