दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका
नई दिल्ली/पटना। बिहार की राजनीति में बाहुबली नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह को बड़ा कानूनी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें मिली जमानत रद्द करते हुए 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का भी आदेश दिया है।
पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अनंत सिंह को मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इस आदेश को दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में दलील दी गई थी कि जमानत देते समय मामले की गंभीरता और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए जमानत रद्द कर दी और अनंत सिंह को तय समयसीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है, जब बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में चुनाव प्रचार के बीच दो पक्षों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। पूर्व राजद नेता दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
पुलिस जांच के अनुसार, झड़प के दौरान दुलारचंद यादव को कथित तौर पर एक एसयूवी से कुचल दिया गया था। वहीं, उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें पहले गोली मारी गई और फिर वाहन से कुचला गया। इस मामले में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हालांकि, मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
बिहार पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस को निर्देश दिया है कि वह हत्याकांड की जांच चार महीने के भीतर पूरी करे। अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए भी सूचीबद्ध किया है। जांच पूरी होने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मामले में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
जेडीयू से निष्कासन के बाद एक और बड़ा झटका
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब जनता दल (यूनाइटेड) ने 24 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता के संबंध में भी कार्रवाई की मांग की है।
