2 साल की राहत के बाद जेनेरिक दवाओं पर 200% टैरिफ, ट्रंप के फैसले से बढ़ी चिंता
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं के आयात को लेकर नई टैरिफ नीति का ऐलान किया है। इसके तहत अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर अगले दो वर्षों तक कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। हालांकि, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से भारी शुल्क लागू किया जाएगा।
नई नीति के अनुसार, दो साल की राहत अवधि समाप्त होने के बाद पहले 100% टैरिफ लगाया जाएगा और उसके अगले चरण में इसे बढ़ाकर 200% कर दिया जाएगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य दवा निर्माण को अमेरिका में बढ़ावा देना और विदेशी कंपनियों को अमेरिकी धरती पर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है।
भारत के लिए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारतीय दवा कंपनियां अमेरिका को जेनेरिक दवाओं की सबसे बड़ी आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल दो साल की राहत से भारतीय कंपनियों को अपनी रणनीति और उत्पादन व्यवस्था में बदलाव के लिए समय मिल जाएगा, लेकिन 2028 के बाद लागू होने वाले ऊंचे टैरिफ से उनके निर्यात और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इस नीति से अमेरिका में दवा निर्माण उद्योग को मजबूती मिलेगी और घरेलू निवेश बढ़ेगा। वहीं, उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आयातित जेनेरिक दवाएं महंगी हुईं तो अमेरिकी मरीजों के लिए दवाओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
