आज है पाई दिवस, जानें क्यों पूरी दुनिया मनाती है 14 मार्च को यह खास दिन
नई दिल्ली | हर साल 14 मार्च को दुनिया भर में गणितीय स्थिरांक (π) (Pi) के सम्मान में ‘पाई दिवस’ मनाया जाता है। गणित में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसे मनाने के लिए 14 मार्च की तारीख ही क्यों चुनी गई?
तारीख के पीछे का अनोखा गणित
पाई दिवस की तारीख का चयन (π) के मान (3.14) पर आधारित है। जब हम अमेरिकी दिनांक प्रारूप (महीना/दिन) का उपयोग करते हैं, तो 14 मार्च को 3/14 लिखा जाता है। यह (π) के पहले तीन अंकों (3.14) के बिल्कुल मेल खाता है।
इतना ही नहीं, इस दिवस को मनाने का सबसे सटीक समय दोपहर 1:59 बजे माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पाई का विस्तारित मान (3.14159…) होता है, और ‘159’ इसके अगले तीन अंक हैं।
इतिहास: कहाँ से हुई शुरुआत?
इस खास दिन को पहली बार 1988 में सैन फ्रांसिस्को के प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी लारी शॉ (Larry Shaw) द्वारा मनाया गया था। तब से, यह विज्ञान और गणित के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक वैश्विक माध्यम बन गया है।
अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग से जुड़ाव
दिलचस्प बात यह है कि 14 मार्च का विज्ञान के क्षेत्र में दोहरा महत्व है:
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आज के दिन महान भौतिक विज्ञानी अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म (14 मार्च, 1879) हुआ था।
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आधुनिक युग के महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का निधन भी इसी दिन (14 मार्च, 2018) हुआ था।
कैसे मनाया जाता है यह दिन?
दुनिया भर के स्कूलों और संस्थानों में इस दिन कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाती हैं:
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पाई प्रतियोगिता: छात्र पाई के अधिक से अधिक दशमलव अंकों को याद करने का मुकाबला करते हैं।
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पाई और पाई (Pie): चूँकि ‘Pi’ का उच्चारण ‘Pie’ (एक प्रकार की मिठाई) जैसा है, इसलिए कई लोग आज के दिन गोल आकार की ‘Pie’ खाकर इसका जश्न मनाते हैं।
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क्विज़ और कार्यशालाएं: गणित की जटिलताओं को आसान बनाने के लिए विशेष सेमिनार आयोजित किए जाते हैं।
क्या है (π) ?
सरल शब्दों में कहें तो, किसी भी वृत्त (Circle) की परिधि (Circumference) और उसके व्यास (Diameter) के अनुपात को पाई (π) कहा जाता है। यह एक अपरिमेय संख्या है, जिसका अर्थ है कि इसका दशमलव विस्तार कभी खत्म नहीं होता और न ही यह खुद को दोहराता है।
