साइबर फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के खिलाफ ‘शी-टीम’ का जागरूकता अभियान
गांधीनगर। गांधीनगर रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) निरेन्द्र यादव और पुलिस अधीक्षक (SP) रवि तेजा वासम शेट्टी के मार्गदर्शन में गांधीनगर महिला पुलिस स्टेशन की ‘शी-टीम’ (SHE-Team) द्वारा जन-जागरूकता का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और छात्रों को बढ़ते साइबर अपराधों और कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत करना था।
सेक्टर-05 में बुजुर्गों को दी गई सुरक्षा की जानकारी
आज महिला पुलिस स्टेशन की ‘शी-टीम’ ने गांधीनगर के सेक्टर-05 स्थित गार्डन और आवासीय क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने वहां रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों (सेंनियर सिटीजन) से मुलाकात की और उन्हें वर्तमान में चल रहे विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड के बारे में विस्तार से समझाया।
‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचने की विशेष सलाह
पुलिस टीम ने नागरिकों को विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे खतरनाक हथकंडों के बारे में जागरूक किया। टीम ने बताया कि:
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अगर कोई अजनबी फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी बताए और कहे कि आपका आधार कार्ड, सिम कार्ड या बैंक खाता मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल है, तो डरे नहीं।
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पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को ‘अरेस्ट’ नहीं करती।
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किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें।
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बिना घबराए तुरंत अपने परिवार को सूचित करें और पुलिस से संपर्क करें।
सोशल मीडिया और OTP सुरक्षा
बुजुर्गों को समझाया गया कि वे सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP (वन टाइम पासवर्ड) साझा न करें। साथ ही, टीम ने उन बुजुर्ग महिलाओं को सरकार द्वारा मिलने वाली विधवा सहायता पेंशन योजना के बारे में भी जानकारी दी, जो तकनीक से बहुत अधिक परिचित नहीं हैं।
सहायता के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
किसी भी आपात स्थिति या मदद के लिए पुलिस ने निम्नलिखित नंबर जारी किए हैं:
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1930: साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन
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112: आपातकालीन सेवा
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181: महिला हेल्पलाइन
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1200 233 3330: मानसिक स्वास्थ्य सहायता
इस अभियान को सफल बनाने में ए.एस.आई. नीताबेन, वर्षाबेन, शर्मिष्ठाबेन, कजिंलबेन, पायलबेन, सोनलबेन, निशाबेन, शशिकलाबेन, बिनीलबेन, मयूरिकाबेन और भावनाबेन सहित महिला पुलिस स्टेशन के अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
