विश्व कैंसर दिवस 2026: भारत में पैर पसार रहे ये 5 कैंसर

0
Gemini_Generated_Image_7ejm557ejm557ejm

नई दिल्ली | आज ‘विश्व कैंसर दिवस’ है। चिकित्सा विज्ञान में हुई अभूतपूर्व प्रगति के बावजूद, भारत में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर अब लाइलाज नहीं है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी चुनौती ‘देर से पहचान’ (Late Detection) है। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 5 तरह के कैंसर सबसे ज्यादा कहर बरपा रहे हैं। यदि इनके शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो मरीज की जान बचाना काफी आसान हो जाता है।

1. ब्रेस्ट कैंसर: अब उम्र की सीमा नहीं

भारत में महिलाओं में यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला कैंसर है। चिंता की बात यह है कि अब 30 से 40 वर्ष की महिलाएं भी इसकी शिकार हो रही हैं।

  • लक्षण: स्तन या बगल में गांठ, निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज, या त्वचा का लाल होना।

  • जांच: 40 की उम्र के बाद साल में एक बार मैमोग्राफी जरूर कराएं।

2. फेफड़ों का कैंसर: प्रदूषण और पैसिव स्मोकिंग का खतरा

लंग कैंसर अब केवल धूम्रपान करने वालों तक सीमित नहीं है। बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण ‘नॉन-स्मोकर्स’ भी इसकी चपेट में हैं।

  • लक्षण: लगातार 3 हफ्ते से ज्यादा खांसी, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और आवाज में बदलाव।

3. मुंह का कैंसर: तंबाकू बना ‘साइलेंट किलर’

दुनिया में मुंह के कैंसर के सबसे ज्यादा मामले भारत में हैं, जिसका मुख्य कारण खैनी, गुटखा और तंबाकू का सेवन है।

  • लक्षण: मुंह में सफेद या लाल घाव, जो ठीक न हो रहे हों। निगलने में कठिनाई और मसूड़ों में सूजन।

4. सर्वाइकल कैंसर: वैक्सीन से बचाव संभव

महिलाओं में यह दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसे वैक्सीन (HPV Vaccine) के जरिए रोका जा सकता है।

  • लक्षण: पीरियड्स के बीच में या संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग, पेल्विक पेन और थकान।

5. कोलोरेक्टल कैंसर: खराब लाइफस्टाइल का नतीजा

गलत खान-पान और एक्सरसाइज की कमी के कारण बड़ी आंत का कैंसर युवाओं में बढ़ रहा है। अक्सर लोग इसे पाइल्स या साधारण गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

  • लक्षण: मोशन के साथ खून आना, पेट में लगातार ऐंठन और तेजी से वजन गिरना।

एक्सपर्ट टिप्स: कैंसर से बचाव के 5 मंत्र

  1. व्यसनों से दूरी: तंबाकू, सिगरेट और शराब का त्याग कैंसर के खतरे को 50% तक कम कर देता है।

  2. स्वस्थ आहार: प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा मीठे से बचें। अपनी डाइट में हरी सब्जियां और फल शामिल करें।

  3. नियमित व्यायाम: दिन में कम से कम 30 मिनट का व्यायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

  4. स्क्रीनिंग है जरूरी: शरीर में किसी भी गांठ या बदलाव को नजरअंदाज न करें। समय-समय पर बॉडी चेकअप कराएं।

  5. टीकाकरण: 9 से 14 साल की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका जरूर लगवाएं।

निष्कर्ष: कैंसर का नाम सुनकर डरने के बजाय जागरूक होना जरूरी है। याद रखें, ‘अर्ली डिटेक्शन’ (शुरुआती पहचान) ही जीवन की गारंटी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *