BMC Mayor Election 2026: क्या फरवरी में मुंबई को मिलेगा नया मेयर?
मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव और मेयर पद को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई को नया मेयर मिलने की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू हो सकती है। लंबे समय से प्रशासक के भरोसे चल रही बीएमसी में अब राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं।
फरवरी में चुनाव की संभावना क्यों?
पिछले काफी समय से बीएमसी के चुनाव टलते आ रहे हैं। वर्तमान में नगर निगम का कामकाज प्रशासक (Administrator) देख रहे हैं। चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच पार्षदों के पंजीकरण और वार्ड परिसीमन को लेकर जो तकनीकी पेच फंसे थे, वे अब सुलझने की दिशा में हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि फरवरी का महीना चुनावी प्रक्रिया के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) की रणनीति
रिपोर्ट्स के अनुसार, सत्ताधारी गठबंधन मुंबई नगर निगम पर अपना कब्जा जमाने के लिए विशेष रणनीति बना रहा है। पार्षदों के रजिस्ट्रेशन और वार्डों की नई संरचना को लेकर चल रही देरी के पीछे रणनीतिक कारण बताए जा रहे थे। अब जब 2026 की शुरुआत हो चुकी है, तो दोनों ही दल जल्द से जल्द चुनाव कराकर अपना मेयर बिठाने की कोशिश में हैं।
मुंबई की जनता और विकास कार्यों पर असर
बीएमसी में निर्वाचित नगरसेवकों और मेयर के न होने के कारण कई स्थानीय विकास कार्यों में देरी की शिकायतें आ रही थीं। बजट और बड़ी परियोजनाओं पर फैसले लेने का अधिकार फिलहाल प्रशासक के पास है। यदि फरवरी में चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो मुंबई के लोगों को अपने वार्ड के प्रतिनिधि और शहर को एक नया मुखिया (मेयर) जल्द मिल सकेगा।
विपक्ष का रुख
दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी (MVA) यानी उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी भी बीएमसी चुनाव के लिए कमर कस चुकी है। विपक्ष लगातार सरकार पर चुनाव टालने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में फरवरी में होने वाली यह संभावित हलचल महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है।
मुख्य बिंदु:
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संभावित समय: फरवरी 2026।
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मुख्य कारण: बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच चुनावी तैयारियों का तालमेल।
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वर्तमान स्थिति: बीएमसी फिलहाल प्रशासक के नियंत्रण में है।
