संगम तट पर ‘फटीचर बाबा’ की धूम: नाम देखकर ठिठक रहे लोग
प्रयागराज: संगम की रेती पर आयोजित हो रहे माघ मेले में इस बार एक अनोखे संत चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। सेक्टर 6 में संगम लोअर मार्ग पर स्थित एक शिविर के बाहर लगे बैनर को देखकर श्रद्धालु अपनी जगह रुकने पर मजबूर हो रहे हैं। इस बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा है— ‘फटीचर बाबा का राम-राम’।
कौन हैं फटीचर बाबा?
जब इस अनूठे नाम के पीछे की कहानी तलाशी गई, तो पता चला कि ये संत महाराष्ट्र के मलाड ईस्ट (मुंबई) से प्रयागराज पहुँचे हैं। ‘फटीचर’ जैसे शब्द को आमतौर पर नकारात्मक माना जाता है, लेकिन बाबा का कहना है कि उन्हें यह नाम ईश्वर की प्रेरणा से मिला है और अब उन्हें यही नाम सबसे प्रिय लगता है।
शिविर की खास बातें: जहाँ कण-कण में ‘राम’ हैं
फटीचर बाबा के शिविर का माहौल अन्य जगहों से काफी अलग और भक्तिमय है:
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अखंड जाप: शिविर के अंदर 24 घंटे लगातार ‘राम नाम’ का जाप चलता रहता है।
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राम-नाम की पोशाक: यहाँ आने वाले भक्त ‘राम-राम’ लिखे हुए कपड़े पहनते हैं।
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अनोखी भक्ति: कई भक्तों ने तो अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए अपने शरीर पर ‘राम-राम’ के टैटू भी गुदवा रखे हैं।
बाबा का संदेश: “राम नाम जपने की पूँजी कभी खत्म नहीं होती। जो लोग इस नाम को जपते हैं, उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। अगर नाम नहीं जप सकते, तो कम से कम ‘राम भरोसे’ तो रहना ही चाहिए।”
माघ मेले की व्यवस्था से खुश
फटीचर बाबा अपने शिविर से बाहर कम ही निकलते हैं और अपनी साधना में लीन रहते हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई माघ मेले की व्यवस्थाओं की सराहना की है। बाबा माघी पूर्णिमा तक मेले में बने रहेंगे, जहाँ उनके शिविर में राम-नाम की गूँज जारी रहेगी।
भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र
आमतौर पर माघ मेले में लोग कठिन हठयोग या नागा साधुओं को देखने पहुँचते हैं, लेकिन फटीचर बाबा के सरल स्वभाव और उनके शिविर के ‘अतरंगी’ नाम ने युवाओं और श्रद्धालुओं के बीच एक अलग जिज्ञासा पैदा कर दी है।
